NIA ने दो बार किया आतंक की राह पर गई महिला का मांइड वाश, फिर भी आत्मघाती हमलावर बनने की कोशिश में

आत्मघाती हमलावर बनने की इच्छा रखने वाली पुणे की एक 20 वर्षीय महिला की भारतीय खुफिया एजेंसियों ने तीन साल में दो बार घर वापसी कराई थी, लेकिन वह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की चार्जशीट के अनुसार जिहादी विचारधारा को अपनाने से पीछे हटती नहीं दिख रही।

एजेंसी ने कहा कि पुणे में यरवदा की रहने वाली सादिया अनवर शेख को 2015 के बाद 2018 में एक बार फिर से समझाया गया था। तब वह नाबालिग थी। एजेंसी ने सितंबर के पहले सप्ताह में दायर की गई अपनी चार्जशीट में ये कहा है।

दूसरी बार उसकी घर वापसी कराने के विफल प्रयास के बाद उसे जुलाई में इस्लामिक स्टेट (आईएस) से जुड़े एक षड्यंत्र के मामले में गिरफ्तार किया गया था।

चार्जशीट के अनुसार, वह  पाकिस्तान, अफगानिस्तान और श्रीलंका, अन्य देशों में सोशल मीडिया के जरिए 2015 से कई समूहों जैसे इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (ISKP), इस्लामिक स्टेट इन जम्मू एंड कश्मीर (ISJK), अल कायदा, अंसार ग़ज़ावत-उल-हिंद (AGH) के आतंकवादियों के संपर्क में है।

वह फिलीपींस के एक प्रमुख “ऑनलाइन प्रेरक” करेन आइशा हमीदोन के संपर्क में भी थी, जिसने कई भारतीय युवाओं को कट्टरपंथी बनाया था। एनआईए के अधिकारियों ने अप्रैल 2018 में मनीला की यात्रा की और हमीदोन से पूछताछ की थी।

2015 में जब सादिया सिर्फ 15 साल की थी तब अपने फेसबुक अकाउंट पर कट्टरपंथी सामग्री के लिए वह खुफिया एजेंसियों के रडार पर आई। चार्जशीट के अनुसार, वह इस्लामिक उपदेशक डॉ. जाकिर नाइक से प्रेरित थी, जो मलेशिया में छिपा हुआ है।

चार्जशीट में कहा गया कि पुणे के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने उसे डी-रेडिकलाइज़ करने की कोशिश की और उसे जाने दिया। हालांकि, उसने फिर से फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई फर्जी अकाउंट बनाए।

बाद में, जनवरी 2018 में, वह कश्मीर गई और जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा जांच की गई। आरोप पत्र में कहा गया है, “डी-रेडिकलाइजेशन के बाद, उसे उसकी मां को सौंप दिया गया।”