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मृत समझ कर घरवाले करने वाले थे अंतिम संस्कार फिर SHO ने क्या किया..

नई दिल्ली। एक पुलिस अधिकारी की सूझबूझ से एक जीवित व्यक्ति की जान बच गई, जिसे मृतक समझकर परिवारवाले अंतिम संस्कार करने जा रहे थे।

 

सोमवार की शाम पुलिस को बारा हिंदू राव इलाके से एक युवक के फांसी लगाने की सूचना मिली। SHO संजय कुमार अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे तो घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल था। SHO ने सिलसिलेवार तरीके से उस शाम हुई घटना के बारे में बताया है।

SHO ने बताया कि शाम करीब 6 बजे राजू (21) अपने कमरे में गया जबकि बाकी घरवाले दूसरे कमरे में बैठे थे। करीब 20 मिनट के बाद राजू के पिता कुछ बात करने के लिए उसके कमरे में गए। कमरे के भीतर का नजारा देख, उन्हें झटका लगा। उन्होंने देखा कि राजू पंखे से लटका हुआ था। वह तुरंत चिल्लाए और घरवाले भी दौड़कर कमरे में आ गए। बेडशीट की मदद से राजू ने फांसी लगा ली थी। परिवार के लोगों ने उसे नीचे उतारा। घर के एक सदस्य ने पुलिस को फोन पर जानकारी दी।

 

SHO कुमार ने कमरे की जांच की, जहां राजू ने आत्महत्या करने की कोशिश की थी। उन्हें यह आभास हुआ कि ऊंचाई काफी कम थी और ऐसे में फांसी लगाने से मरने की आशंका कम थी। उन्होंने सोचा कि यह संभव है कि राजू का पैर फ्लोर को छू गया होगा। जब कुमार यहसब जांच रहे थे उस समय घरवाले राजू के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। उस समय तक मॉर्च्युरी वैन भी आ चुकी थी।

फौरन SHO कुमार ने राजू के शरीर की जांच की। कुमार को महसूस हुआ कि राजू की पल्स चल रही है। वह अब भी जिंदा था। कुमार ने फौरन राजू को अस्पताल ले जाने का फैसला किया, रास्ते में उसे CPR (Cardiopulmonary resuscitation) दिया जाता रहा।

डॉक्टरों ने आखिरकार राजू को बचा लिया। डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि राजू की पल्स काफी धीमी थी, ऐसे में अस्पताल पहुंचाने में अगर और देर होती तो कुछ भी हो सकता था। होश में आने के बाद राजू ने पुलिस को बताया कि माता-पिता उसे लगातार डांट रहे थे, जिससे नाराज होकर उसने आत्महत्या की कोशिश की थी।

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