Sharad Purnima: 4 लाख किमी से अधिक दूर शरद पूर्णिमा का चंद्रमा, फिर भी ऐसा लगेगा मानो छू लें

Sharad Purnima 2020 2020 भोपाल  शुक्रवार यानी 30 अक्टूबर को पूर्णिमा का चांद पूर्वी आकाश में शाम 5.13 बजे क्षितिज से उदित होगा। लालिमा लिया चांद कुछ बड़े रूप में दिखेगा। ऊपर उठने के बाद यह सामान्य पूर्णिमा के चांद की तरह चमकीला होते हुए 99.2 प्रतिशत चमक के साथ आकाश में करीब 12 घंटे रहकर सुबह सबेरे 5.08 बजे पश्चिम में अस्त होगा।

नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका ने बताया कि चंद्रमा एक ही रात में न तो रंग बदलता है और न आकार। दरअसल उदित होते समय हमारी पृथ्वी का वातावरण चंद्रमा को लालिमा लिए दिखाता है। जब चंद्रमा पृथ्वी से लगभग 3 लाख 60 हजार किमी रहता है तो वह अधिक बड़ा और चमकीला दिखता है, जिसे सुपरमून कहते हैं। इस शरद पूर्णिमा को चंद्रमा 406394 किमी रहते हुए हमसे ज्यादा दूर है इसलिए यह सुपरमून की तरह नहीं चमकेगा।

सारिका ने बताया कि उदय एवं अस्त के समय चंद्रमा की किरणें पृथ्वी के वायुमंडल में अधिक दूरी तय करती हैं जिससे बाकी रंग तो बीच में ही खो जाते हैं केवल लालिमा हमारी आंखो तक आती है।

उदय एवं अस्त के समय समय चंद्रमा को देखते समय हमारे सामने पृथ्वी पर स्थित इमारत, पहाड़, वृक्ष, आदि भी दिखते हैं जिनको साथ देखने पर हमे लगता है कि चंद्रमा का गोला बड़ा हैं। यह आंखों का भ्रम या इलुजन होता है।

शहर पूर्व दिद्याा में चंद्रोदय पश्चिम दिशा में चंद अस्त का समय