बड़ी लापरवाही: जबलपुर कटनी सहित प्रदेश के 16 हजार शिक्षकों की जानकारी शिक्षा विभाग के पास नहीं

भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों के 16 हजार 215 शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग अब तक तलाश नहीं कर पाया।

दो माह बीतने के बाद भी अब तक शिक्षा पोर्टल पर दर्ज शिक्षकों की संख्या में कोई बदलाव नहीं हो पाया। इसका खुलासा लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा संयुक्त संचालकों को जारी किए गए पत्र से हुआ है।

यह पत्र सितंबर में जारी किया गया था, लेकिन विभाग अब तक गायब शिक्षकों को ढूंढ नहीं पाया है। सत्र 2018-19 में 3, 20440 शिक्षक पोर्टल पर दर्ज थे। वहीं 2019-20 के जारी किए गए आंकड़ों में शिक्षकों की संख्या 3,04225 दर्ज है।

इतने शिक्षकों के पोर्टल से गायब होने से विभाग यह पता लगाने में असमर्थ है कि ये शिक्षण कार्य ठीक कर भी रहे हैं या नहीं। सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारिेयों को फिर से अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। सिंगरौली में सबसे ज्यादा शिक्षक पोर्टल में दर्ज नहीं हैं।

शिक्षकों की संख्या जल्द गिनती कर दर्ज कराएं

विभाग ने फिर से जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिक्षकों की संख्या की गिनती कर पोर्टल पर जल्द से जल्द अपडेट किया जाए। इससे स्कूल खुलने पर या आनलाइन कक्षा के दौरान शिक्षण कार्य प्रभावित ना हो। इसमें छोटे जिले के शिक्षकों की संख्या ज्यादा है, जो आनलाइन दर्ज नहीं हैं।

इन जिलों में सबसे ज्यादा संख्या

सिंगरौली – 1090

शिवपुरी – 997

सागर – 873

देवास – 782

बड़वानी- 745

विदिशा- 738

खंडवा – 685

सीधी – 670

टीकमगढ़- 573

उज्जैन- 548

छतरपुर- 546

झाबुआ- 502

कटनी – 678

बडे़ शहरों में संख्या कम

भोपाल- 6

इंदौर – 120

ग्वालियर -76

जबलपुर- 30