NSA के आरोपी को जबलपुर पुलिस पकड़ कर लाई, थाने में हो गया बेहोश, फिर आगे क्या हुआ..

Jabalpur NSA के आरोपी को जैसे ही पुलिस पकड़ कर ले बदमाश का अभिनय देख पुलिस वाले भी दंग रह गए। एक-दो घंटे नहीं, पूरे पांच घंटे तक बदमाश ने बेहोशी का नाटक किया। विक्टोरिया अस्पताल में तीन डॉक्टरों के पैनल ने जांच की। रिपोर्ट में डॉक्टरों ने बताया कि वह ठीक है और नाटक कर रहा है, तब जाकर उसे पुलिस जेल भेज पाई। आरोपी के खिलाफ NSA में गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था। उस पर ATM कार्ड क्लोनिंग सहित हत्या के प्रयास, बलवा व मारपीट के कुल 19 अपराध दर्ज हैं।

टीआई एसपीएस बघेल ने बताया कि बड़ी ओमती निवासी माजिद खान उर्फ मूसा (33) के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए जिला दंडाधिकारी ने NSA में निरुद्ध करते हुए गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था। ओमती पुलिस रविवार को माजिद को गिरफ्तार कर थाने ले आई। जेल भेजने की तैयारी चल रही थी कि अचानक वह बेहोश हो गया। पूरे पांच घंटे तक वह थाने में बेहोश रहा। उसकी बेहोशी ने पुलिस की धडकऩें बढ़ा दी।

अस्पताल में तीन डॉक्टरों के पैनल ने की जांच
ओमती पुलिस माजिद को विक्टोरिया ले गई। वहां तीन डॉक्टरों के पैनल ने उसकी जांच की। डॉक्टरों ने उसे ठीक पाया। इसके बाद पुलिस ने सख्ती की तो वह उठकर बैठ गया। फिर पुलिस उसे जेल में दाखिल करने ले गई।

ATM कार्ड की क्लोनिंग करता था मूसा
जनवरी 2019 में ओमती व गढ़ा और मई में अधारताल में ATM कार्ड की क्लोनिंग कर पैसे निकालने की शिकायत दर्ज हुई थी। मूसा सहित उसके गैंग ने 2018 से 2019 के बीच अलग-अलग ATM में पैसे निकालने गए ग्राहकों को अपना शिकार बनाया था। वे स्पाई कैमरे की मदद से गोपनीय जानकारी प्राप्त कर लेते थे। इसके बाद ATM कार्ड की क्लोनिंग कर खाते से सारी रकम निकाल लेते थे।

उत्तरप्रदेश की गैंग से जुड़ा था मूसा
क्राइम ब्रांच और ओमती पुलिस ने 2019 में उत्तर प्रदेश के करमचंद्रपुर प्रतापगढ़ निवासी बजरंग बहादुर, संदीप सिंह, कुलदीप सिंह, कुशल कुमार यादव को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने माजिद खान के बारे में खुलासा किया था। वह आरोपियों को होटल में ठहराने से लेकर पुराने ATM कार्ड और भोजन आदि की व्यवस्था करता था। ठगी की रकम में उसे भी हिस्सा मिलता था। फरारी पर एसपी ने ढाई हजार का इनाम घोषित किया था। 14 जनवरी 2020 को एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार किया था।

ऐसे देता था वारदात को अंजाम
ATM में जैसे ही कोई जाता था, माजिद भी घुस जाता था। वह स्पाई कैमरे चालू कर ग्राहक का ATM कार्ड का नम्बर, गोपनीय पिन रिकॉर्ड कर लेता था। उसके दूसरे साथी बाहर कार में रहते थे। वे इस गोपनीय जानकारी को लैपटॉप में मौजूद क्लोनिंग सॉफ्टवेयर और स्कैनर की मदद से ATM कार्ड का क्लोन तैयार कर लेते थे। इसके बाद वे दूसरे ATM से रात 11.45 और 12 बजे के बीच रकम निकालते थे।