सर्दियों में इन पांच तरीकों से बच सकते हैं Coronavirus के संक्रमण से

Coronavirus disease (COVID-19) – World Health Organization सर्दी आने के साथ ही यूरोप के कई देशों में कोरोनावायरस के मामले बहुत तेजी से बढ़ने लगे हैं। अमेरिकी इन्फेक्शन डिजीज कमेटी के उपाध्यक्ष डॉक्टर सेन ओ लेरी के मुताबिक, ‘सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि सर्दियों में कोरोना का प्रभाव कैसा रहने वाला है। हम उम्मीद कर रहे हैं कि सर्दियों में हम कोरोना को फैलने से रोक लेंगे।’

सर्दी में कोरोना के रोकथाम के लिए हमें पहले से ही तैयार रहना होगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ‘कुछ ऐसी चीजें हैं, जिनसे आप कोरोना को फैलने से रोक सकते हैं। कोरोना की आधी लड़ाई खुद की सावधानियों से लड़ी जानी है और आधी मेडिकल सुविधा के बदौलत। मानसिक तौर पर तैयार होना बहुत जरूरी है।’

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सर्दी में 5तरीकों से आप अपने परिवार में कोरोना को फैलने से रोक सकते हैं-

1. फ्लू से बचने के लिए वैक्सीन जरूर लें

  • अभी तक तो कोरोना की कोई वैक्सीन आई नहीं है। लेकिन हमें यह निश्चित करना होगा कि हमारे परिवार का हर सदस्य फ्लू समेत दूसरी बीमारियों से बचने के लिए वैक्सीन लिया हो। सर्दियों में कोरोना को रोकने के लिए यह पहला और सबसे बेसिक कदम होगा।
  • परिवार में जितने ज्यादा लोग स्वस्थ रहेंगे कोरोना की आशंका उतनी ही कम रहेगी। कोरोना के चलते पूरे दुनिया में हेल्थ इमरजेंसी जैसे हालात हैं। हॉस्पिटल में बेड को कोरोना इमरजेंसी के लिए रिजर्व रखा गया है। ऐसे में किसी नॉर्मल फ्लू के चलते आपका हॉस्पिटल जाना हेल्थ वर्कर्स के लिए चुनौती से कम नहीं होगा। इसके अलावा हॉस्पिटल में कोरोना होने की संभावना भी रहती है।
  • नॉर्मल फ्लू से इसलिए भी बचना है, क्योंकि इसके चलते हमारी इम्युनिटी कमजोर हो जाती है, हमें कोरोना होने का खतरा भी बढ़ जाता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि फ्लू से 6 महीने तक सुरक्षित रखने वाला टीका लोगों को ले लेना चाहिए।

2. बच्चों के प्रति ज्यादा सावधानी बरतें

  • जॉन्स हॉपकिंस सेंटर फॉर हेल्थ सिक्योरिटी में स्कॉलर डॉक्टर एरिक टोनर के मुताबिक बच्चों के स्कूल कब तक खुलेंगे, यह कोई नहीं जानता। बच्चे कई दिनों से घर में कैद हैं। ऐसे में उनके मानसिक स्वास्थ्य की चिंता भी करनी होगी। साथ ही सर्दियों में कोरोनावायरस से उन्हें सुरक्षित रखने के लिए पैरेंट्स को विशेष ध्यान देना होगा।
  • अगर आपका बच्चा बीमार पड़ जाता है तो इस बात पर फोकस करना है कि अगले 24 घंटे उसकी तबियत कैसी रहती है। अगर 24 घंटे तक उसकी हेल्थ में सुधार नहीं हो रहा है और उसे बुखार, शरीर दर्द, खांसी और सीने में दर्द जैसी कोई भी दिक्कत है तो बिना देर किए उसका कोविड टेस्ट करवाएं।

3. मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें

  • अभी तक कोविड की वजह से लोगों को सबसे ज्यादा मानसिक तनाव और एंग्जाइटी का सामना करना पड़ा है। इसका असर सबसे ज्यादा बच्चों और पैरेंट्स पर पड़ रहा है।अमेरिकी चाइल्ड माइंड इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. हेरोल्ड के मुताबिक, कल के बारे में सोचना एंग्जाइटी की सबसे बड़ी वजह है। सबसे पहले पैरेंट्स को यह सोचना बंद करना होगा कि कल क्या होगा और बच्चों को भी इस तनाव से मुक्त होने के लिए प्रेरित करना होगा।
  • सर्दियों में कोरोना की दूसरी लहर आ रही है यह यूरोप में देखा जा सकता है। अभी हम पहले फेज से ही नहीं निकल पाए थे और दूसरा फेज भी आ रहा है। ऐसे में हमें खुद को और बच्चों को मानसिक तौर पर तैयार करना होगा।

4. इमरजेंसी के लिए कुछ सामान स्टॉक में रखें

हो सकता है कि आपके परिवार में किसी को कोरोना न हो। लेकिन दूसरी बीमारियों से लड़ने के लिए हमें अपनी तैयारियों को चाक-चौबंद रखना होगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस हेल्थ इमरजेंसी के दौर में हम जितना ज्यादा हॉस्पिटल जाने से बच सकें, उतना ही बेहतर है। हमें दूसरी बीमारियों से बचने के लिए ये 6 चीजें हमारे घर में होनी चाहिए।

  1. बुखार की दवा
  2. थर्मामीटर
  3. एंटी बैक्टिरियल दवा
  4. हाइड्रोजन पैराक्साइड
  5. सैनेटाइजर
  6. डाइपर्स

5. शुरुआती गाइडलाइन का गंभीरता से पालन करें

  • कोल्ड और फ्लू के सीजन में आपको घर के अंदर रहने की जरूरत है। ऐसे मौसम में शरीर दर्द बहुत आम बात है, पर लापरवाही नहीं करनी है। घर के अंदर भीड़ नहीं इकट्ठा करनी है। बगैर मास्क के तो किसी के संपर्क में आना बेहद ही खतरनाक है। हमारी लापरवाही से कोरोना के मामले दोबारा बढ़ रहे हैं।
  • जब लोगों के आसपास जाएं तो मास्क लगाना न भूलें। लगातार हाथ धोते रहें। सैनेटाइजर का इस्तेमाल भी करते रहें। 6 फीट की दूरी के नियम को गंभीरता से फॉलो करें और इनडोर क्राउड से दूर रहें। कोरोना के किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें। ज्यादा दिक्कत होने पर तुरंत कोरोना की जांच कराएं।

हमें पहली लहर से भी ज्यादा चौकन्ना रहना होगा

ये छोटी-छोटी सावधानियां कोरोना के रोकथाम में बहुत असरदार हैं। इसलिए सर्दियों में आ रही वायरस की दूसरी लहर से बचने के लिए हमें पहली लहर से भी ज्यादा चौकन्ना रहना होगा।