Pension News : पेंशन योजना को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लगी याचिका, इन कर्मचारियों से जुड़ा है मामला

केंद्रीय गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले सशस्त्र बल कर्मियों के पेंशन लाभों में असमानता दूर करने की मांग संबंधी एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है। “हमारा देश हमारे जवान” ट्रस्ट द्वारा दायर इस जनहित याचिका में कहा गया है कि केंद्र ने नई अंशदान पेंशन योजना शुरू की थी और एक जनवरी, 2004 को इसकी अधिसूचना जारी की गई थी। इसके जरिये सरकार ने पेंशन योजना को अंशदान आधारित बना दिया था जिसकी कटौती कर्मचारी के वेतन से होनी थी। अधिवक्ता अजय के. अग्रवाल के जरिये दाखिल याचिका के मुताबिक, केंद्र सरकार अब गृह मंत्रालय के तहत आने वाले सशस्त्र बल कर्मियों के लिए हाइब्रिड पेंशन योजना लागू कर रही है जो पुरानी और नई पेंशन योजना का मिश्रण है।

जनता, कर्मचारियों को मिल रहा इन पेंशन योजनाओं का लाभ

वर्तमान में प्रधान मंत्री श्रम योगी मानधन योजना संचालित हो रही है, जिसमें से कोई 18 से 40 वर्ष का कामगार अपना पंजीयन कराकर योजना का लाभ ले सकता है। पंजीयन करा किस्त जमा करने वालों को 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद प्रत्येक माह तीन हजार रुपये की पेंशन मिलेगी। पेंशन योजना में असंगठित या गृह आधारित कर्मकार, गली में फेरी लगाने वाले, मध्यान्ह भोजन कर्मकार, सिर पर बोझा उठाने वाले, मोची, कूड़ा बीनने वाले, घरेलू कर्मकार, धोबी, रिक्शा चालक, ग्रामीण भूमिहीन, श्रमिक, कृषि कर्मकार, संनिर्माण कर्मकार, बीड़ी कर्मकार, हथकरघा कर्मकार, चमड़ा कर्मकार या ऐसे ही किसी कार्य से जुड़े कर्मचारी योजना के लाभार्थी बन सकते हैं। पेंशन स्कीम में नामांकन हेतु किसी भी जन सुविधा केंद्र , कॉमन सर्विस सेंटर पर नामांकन कराया जा सकता है। कोई भी पात्र योजना में पंजीयन करा सकता है। पात्रता की शर्तों के अनुसार आवेदक असंगठित क्षेत्र का श्रमिक हो, 18 वर्ष से 40 वर्ष की आयु के मध्य का हो, मासिक आय 15 हजार या उससे कम हो, ईपीएफ, एनपीएस, ईएसआई का सदस्य ना हो, आयकर दाता ना हो