गाजियाबाद में धर्म परिवर्तन को लेकर भाजपा विधायक का सनसनीखेज दावा, दिया था 10 लाख का ऑफऱ

गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद के करहैड़ा में हुए 50 परिवार के धर्मांतरण मामले में नया और रोचक मोड़ आ गया है। अब करहैड़ा के रहने वाले मोंटू वाल्मिकी नामक युवक की तहरीर पर पुलिस ने धर्मांतरण की झूठी अफवाह फैलाकर समाज में सम्प्रदायिकता फैलाने की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया है। मोंटू ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि सादे कागज व अधूरे कागजातों के आधार पर धर्मांतरण की अफवाह फैलाई गई।

वहीं, धर्म परिवर्तन के मामले पर लोनी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने सनसनीखेज बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दाऊद इब्राहिम और आइएसआइ का गठजोड़ देश में घिनौनी साजिश रच रहा है, ताकि देश को अस्थिर और जातीय दंगों में झोंका जा सके। उन्होंने धर्म परिवर्तन को झूठा बताते हुए कहा कि उनके बात इसके सारे सबूत मौजूद है। भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने यहां तक कहा कि अगर निकला झूठा तो राजनीति से संन्यास ले लूंगा। उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन के लिए पवन नाम के व्यक्ति को 10 लाख रुपये दिए गए हैं। उन्होंने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पत्रकारों को भी इस मामले को तूल देने के लिए पैसा दिया गया। विधायक ने कहा कि वाल्मीकि समाज सनातन धर्म का गौरव है।

इससे पहले बुधवार को वाल्मीकि समाज के 50 परिवारों के 236 लोगों के बौद्ध धर्म अपनाने की सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी करहैड़ा पहुंचे। डीएम, एसएसपी समेत अन्य अधिकारियों ने धर्म परिवर्तन का दावा करने वाले लोगों से बातचीत की। लोगों ने हाथरस कांड का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वाल्मीकि समाज का लगातार शोषण हो रहा है। वहीं, एडीएम सिटी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि एसपी सिटी के साथ उन्होंने मामले की जांच की तो धर्म परिवर्तन की सूचना पूरी तरह गलत निकली है। कुछ लोगों के पास जो प्रमाण पत्र हैं उनके नाम व क्रमांक गलत हैं। कुछ लोगों के पास सफेद कागज हैं। ऐसे में धर्म परिवर्तन नहीं हुआ है। लोगों ने जो ज्ञापन सौंपा है उसके अनुसार जल्द उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

मिली जानकारी के मुताबिक, साहिबाबाद थानाक्षेत्र के करहैड़ा में 70 से अधिक वाल्मीकि परिवार रहते हैं। इनमें से 50 परिवार के करीब 236 लोगों ने कथित तौर पर पिछले सप्ताह बौद्ध धर्म अपना लिया। स्थानीय निवासी पवन वाल्मीकि का कहना है कि उनके समाज के लोगों के साथ लगातार भेदभाव हो रहा है। हाथरस कांड में पीड़िता को न्याय नहीं मिल रहा है। लगातार उनके समाज के लोगों का शोषण हो रहा है।