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मेधावी छात्रों को मिलते रहेंगे गुणवत्ता के फोन या टेबलेट कैबिनेट बैठक में लिया निर्णय

भोपाल। सरकार ने मेधावी छात्रों को स्मार्ट फोन की योजना जारी रखने का फैसला किया है। सरकार ने ये भी तय किया है कि छात्र-छात्राओं को उनकी जरुरत के हिसाब से स्मार्ट फोन दिए जाएंगे। ये फैसला बुधवार सुबह हुई शिवराज कैबिनेट की बैठक में किया गया।

 

 

कैबिनेट बैठक में हुए फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री गोपाल भार्गव ने बताया कि स्मार्टफोन योजना के तहत बेहतर गुणवत्ता के फोन या टेबलेट जो भी दिए जा सकते हैं वो दिए जाएंगे। सरकार ने इसके लिए 154 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की। गौरतलब है कि सरकार कॉलेज में प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले छात्रों को स्मार्टफोन देती है।

 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (टीसीएस) की सेवाएं भी साल 2018 तक जारी रखने का अहम फैसला हुआ। बैठक में ये तय किया गया कि जितना काम उतना दाम के आधार पर ही कंपनी को भुगतान होगा।

 

इसके अलावा सरकार ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में संविदा पर काम कर रहे करीब 1000 तकनीशियनों के मानदेय बढ़ाने का भी फैसला किया। इसे 65 से बढ़ाकर 75 रुपए प्रति हैंडपंप कर दिया गया है। एक माह में 120 हैंडपंप सुधारने तक भुगतान होगा।

 

साथ ही एससी और एसटी के छात्रों को मिलने वाली पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति भी साल 2020 तक दी जाती रहेगी। सरकार ने इसमें आय सीमा 3 लाख रुपए से बढ़ाकर 6 लाख रुपए कर दी है। ढाई लाख रूपय तक की आय सीमा पर केंद्र सरकार से राशि मिलेगी जबकि उससे अधिक पर जो खर्च होगा वह राज्य सरकार वहन करेगी। सरकार के इस फैसले से करीब पौने 8 लाख छात्रों को फायदा होगा। इसके लिए 266 करोड़ों रुपए की स्वीकृति दी गई।

सरकार ने एक संरक्षण की कवायद में महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए सहारिया बैगा और भारिया जनजाति के परिवारों को 1000 रु. महीना आर्थिक सहायता देने का भी फैसला किया है। ये राशि ऐसे परिवारों की महिला मुखिया के खाते में जमा कराई जाएगी। इससे करीब ढाई लाख परिवार लाभान्वित होंगे। सरकार की मंशा है कि इससे कुपोषण रोकने में मदद मिलेगी।

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