आइटम वाले बयान पर कमलनाथ ने जताया खेद, कहा- भाजपा को सफल नहीं होने दूंगा

मध्यप्रदेश में मंत्री इमरती देवी को आइटम कहने पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ चौतरफा घिर चुके हैं। सत्ता और विपक्ष के बीच इस बयान को लेकर जहां सियासी घमासान जारी है। वहीं काफी किरकिरी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने बयान पर खेद जताया है। मंत्री पर की गई टिप्पणी को लेकर उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मेरा बयान किसी को असम्मानित लगा हो तो मुझे इसका खेद है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘आज भाजपा को एहसास हो रहा है कि वह हार नहीं रहे, वो पिट रहे हैं। इसलिए वो ध्यान भटका रहे हैं। ये मध्यप्रदेश में चुनाव के असली मुद्दे, 15 साल के और पिछले 7 महीने के मुद्दों से लोगों का ध्यान मोड़ना चाहते हैं। ध्यान भटकाने के लिए कुछ भी बोल दो, मैं उन्हें इसमें सफल नहीं होने दूंगा।’
इमरती देवी पर की गई टिप्पणी को लेकर सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘ये कहते हैं कि मैंने असम्मानित बात की। कौन-सी असम्मानित बात? मैं तो महिलाओं का सम्मान करता हूं। अगर कोई सोचता है यह असम्मानित है तो मुझे इस बात का खेद है।’

चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट
आइटम कहने को लेकर कमलनाथ की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल, चुनाव आयोग ने भाजपा की शिकायत पर मध्यप्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से कांग्रेस नेता द्वारा की गई टिप्पणी पर रिपोर्ट मांगी है। रविवार को एक जनसभा में मंत्री के लिए आइटम शब्द का प्रयोग किए जाने पर भाजपा नेताओं ने ऑनलाइन शिकायत की थी।

इसपर कार्रवाई करते हुए सोमवार को हुई बैठक में आयोग ने स्थिति साफ करने के लिए राज्य के सीईओ से पूरी रिपोर्ट और वीडियो तलब किया है। इस मामले पर सीईओ को मंगलवार शाम तक रिपोर्ट देनी है। रिपोर्ट मिलने के बाद आयोग बुधवार को तय करेगा कि कमलनाथ के खिलाफ क्या एक्शन लेना है।

शिवराज ने सोनिया को लिखा पत्र
भोपाल में मौन धरना खत्म करने के बाद सोमवार को शिवराज ने कहा, ‘मैडम सोनिया गांधी आपकी पार्टी के एक नेता, एक पूर्व सीएम ने ऐसी टिप्पणी की है। क्या यह सही है? क्या गरीब महिलाओं का कोई सम्मान नहीं है? महोदया, अगर आपको लगता है कि टिप्पणी गलत थी, तो आप क्या कार्रवाई करेंगी? मैं आपको पत्र लिख रहा हूं, आप निर्णय लीजिए। उन्हें पार्टी के सभी पदों से तत्काल हटा दें और उनके बयान की कड़ी निंदा करें। यदि आप प्रतिक्रिया करने में विफल रहती हैं, तो मुझे यह विश्वास करने पर मजबूर होना पड़ेगा कि आप इसका समर्थन करती हैं।’