जबलपुर शांति समिति की बैठक: बंद कक्ष और हॉल में होने वाले धार्मिक आयोजनों के लिए लेनी होगी अनुमति 

आशीष शुक्ला..

  • शांति समिति की बैठक में लिये गये कई अहम निर्णय
  • जुलूस शोभायात्रा, चल समारोह व मेलों का आयोजन प्रतिबंधित
  • शांति समिति ने की कोरोना के मद्देनजर नवरात्र, दशहरा और ईद-मिलाद-उन-नबी का पर्व सावधानीपूर्वक मनाने की अपील
  • बंद कक्ष और हॉल में होने वाले धार्मिक आयोजनों के लिए लेनी होगी अनुमति
  • खुले मैदान में सौ से अधिक संख्या वाले कार्यक्रमों की भी मंजूरी जरूरी
  •  धार्मिक स्थल प्रबंधन और आयोजक समितियों को करना होगा कोरोना प्रोटोकॉल का पालन

जबलपुर जिले में कोरोना की स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है, लेकिन थोड़ी सी भी असावधानी से कोरोना का संक्रमण बढ़ सकता है। इसलिए संस्कारधानी की परंपरा के अनुरुप इस साल नवरात्रि, दशहरा और ईद-मिलाद-उन-नबी का त्यौहार कोरोना प्रोटोकॉल के दायरे में रहकर हर्ष-उल्लास से मनाया जायेगा।

यह निर्णय आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला शांति समिति की बैठक में सर्वानुमति से लिया गया।

आज दिनाॅक 15-अक्टूबर की शाम कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में कलेक्टर कर्मवीर शर्मा (भा.प्र.से.) एवं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.), द्वारा जिला शांति समिति की बैठक ली गयी।

बैठक में नगर निगम के आयुक्त  अनूप कुमार सिंह (भा.प्र.से.) प्रशासन एवं पुलिस के सभी वरिष्ठ अधिकारी तथा शांति समिति के सदस्यं आनंद मोहन पाठक, भूरे पहलवान, मुकेश राठौर, राजेश सोनकर, शरण चौधरी, शरद काबरा, ताहिर खान आदि   मौजूद थे।
शांति समिति की बैठक मेें कलेक्टर कर्मवीर शर्मा  द्वारा त्यौहारों को लेकर शासन द्वारा जारी गाइड लाइन की विस्तार से जानकारी दी गयी तथा आपके द्वारा समिति के सदस्यों से नवरात्रि और दशहरा तथा आने वाले सभी धर्म के त्यौहारों पर शासन की गाइडलाइन और कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कराने में प्रशासन का सहयोग करने का आग्रह किया गया। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि कोरोना महामारी के मद्देनजर शासन द्वारा जारी गाइड लाइन में त्यौहारों के दौरान भीड़ एकत्रित न हो इसके लिए जुलूस, चल समारोह, शोभायात्रा एवं मेलों के आयोजन पर रोक लगाई गई है।

दुर्गा पंडालों में दुर्गा उत्सव समितियों को श्रद्धालुओं के बीच फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाये रखना होगा और थर्मल स्केनर एवं सेनिटाइजर सहित कोरोना संक्रमण को रोकने सभी जरूरी इंतजाम करने होंगे।
त्यौहारों के दौरान सार्वजनिक मैदानों में धार्मिक सांस्कृतिक, सामाजिक शैक्षणिक, खेल, मनोरंजन एवं राजनैतिक कार्यक्रमों में 100 से अधिक व्यक्तियों को एकत्रित करने पर संबंधित एस.डी.एम. की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बंद कक्षों वाले धार्मिक स्थल अथवा हाल में भी उपलब्ध स्थान के आधार पर प्रशासन द्वारा तय संख्या के अनुसार ही लोग एकत्रित हो सकेंगे, लेकिन किसी भी हालात में यह संख्या दो सौ से अधिक नहीं होगी। त्यौहारों के दौरान अनुमति प्राप्त करने के बाद ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस दौरान डीजे पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा।

शासन द्वारा जारी गाइड लाइन के मुताबिक प्रतिमाओं का विसर्जन जुलूस के स्वरूप में नहीं किया जा सकेगा। प्रतिमा के विसर्जन में अधिकतम दस व्यक्ति ही शामिल हो सकेंगे।   त्यौहारों के दौरान दुकानें, बाजार एवं माॅल अपने निर्धारित समय तक खुले रह सकेंगे। पहले रात्रि 8 बजे तक इन्हें खुले रखने की छूट दी गई थी।

शासन द्वारा जारी गाईडलाइन में नवरात्रि पर गरबा आयोजन पर रोक लगाई गई है। इसी तरह सभी त्यौहारों के दौरान लंगर या भंडारा के आयोजन भी नहीं किये जा सकेंगे। केवल पैकेट में प्रसाद का वितरण किया जा सकेगा।

धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजकों को कार्यक्रमों की वीडियो ग्राफी भी करानी होगी और कार्यक्रम समाप्त होने के 48 घंटे बाद इसे प्रशासन को सौंपना होगा। दुर्गा पंडालों और धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन स्थल पर आयोजकों को सेनिटाइजर और मास्क के साथ-साथ थर्मल स्केनर भी रखने होंगे। आयोजन समितियों से दुर्गा पंडालों या धार्मिक कार्यक्रमों में लोंगों के बीच फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाये रखने के लिए वालिंटियर्स तैनात करने का अनुरोध भी किया है।

कोरोना के संक्रमण के प्रसार को रोकना लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सभी का मुख्य उद्देश्य है। वर्तमान में जबलपुर में कोरोना के संक्रमण में कमी आई है लेकिन त्यौहारों पर बरती गई थोड़ी सी चूक कोरोना संक्रमण को एक बार फिर रफ्तार दे सकती है

अधिकारियों ने शांति समिति के सदस्यों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में त्यौहारों के दौरान कोरोना प्रोटोकाल का पालन कराने, मास्क पहनने और फिजिकल डिस्टेंसिंग को अपनाने लोगों को प्रेरित करें। त्यौहारों के दौरान बुजुर्गों और बच्चों को बाहर न निकलने देने के लिए भी लोगों को प्रेरित करने का आव्हान शांति समिति के सदस्यों से किया।
प्रशासन द्वारा त्यौहारों पर होने वाली भीड़ को देखते हुए शहर के प्रमुख मंदिरों के ऑनलाइन दर्शन कराने की व्यवस्था भी इस बार की  गयी है।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा ने बैठक में कोरोना वायरस के संक्रमण को  दृष्टिगत रखते हुए प्रतिमा स्थापित करने की बजाय कलश स्थापित करने का निर्णय लेने वाली समितियों का आभार जताया।  रामलीला का प्रतीक स्वरूप आयोजन करने तथा रावण दहन का कार्यक्रम स्थगित करने के लिए भी रामलीला समितियों की सराहना की। श्री  सिद्धार्थ बहुगुणा ने आशा व्यक्त की कि इन निर्णयों से त्यौहारों के दौरान भीड़ इकट्ठा नहीं होगी और ये निर्णय कोरोना के संक्रमण को नियंत्रित करने में मददगार साबित होंगे। पुलिस अधीक्षक ने इस मौके पर त्यौहारों के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों का भरोसा शांति समिति के सदस्यों को दिया।
बैठक में शांति समिति के सदस्यों ने भी त्यौहारों के दौरान कोरोना पर नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिये। सदस्यों ने सड़कों की मरम्मत, धार्मिक स्थलों के पास साफ-सफाई तथा पेजजल एवं प्रकाश के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित किये जाने के सुझाव भी बैठक में दिये।

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