जबलपुर गोंदिया रेल लाइन ब्रॉडगेज में परिवर्तित, दक्षिण भारत का 270 किलोमीटर का सफर होगा कम

Jabalpur Gondia Rail Line। जबलपुर से दक्षिण भारत की ओर जाने वाली यात्री ट्रेनें जल्द ही अब जबलपुर-गोंदिया ब्रॉडगेज से होकर चलेंगी। 19 सालों के बाद इस बड़ी परियोजना को पूरा कर लिया गया है। जल्द ही इस ट्रैक के कुछ हिस्सों का कमिश्नर रेल सेफ्टी निरीक्षण करेंगे। इसके बाद इस ट्रैक पर यात्री ट्रेनों को चलाने की स्वीकृति मिल जाएगी। गुरुवार को यह जानकारी सांसद और लोकसभा के मुख्य सचेतक राकेश सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के उप मुख्य अभियंता (निर्माण) मनीष लवनकर ने उन्हें बताया है कि इस परियोजना को सात चरणों में पूरा कर लिया गया है।

सांसद सिंह ने बताया कि 2001 में देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई द्वारा इस परियोजना का शिलान्यास किया गया था। तब इस परियोजना की कुल लागत 511 करोड़ रुपये थी। श्री सिंह ने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 में वन एवं पर्यावरण संबंधी समस्या बताकर इस परियोजना को लटका दिया गया। वर्ष 2004 में पहली बार जबलपुर से सांसद के रूप में निर्वाचित होने के बाद से लगातार इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के लिए उन्होंने लड़ाई शुरू की। इसके बाद 511 करोड़ की परियोजना 1700 करोड़ रुपये से अधिक की हो गई। वर्ष 2014 में केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनते ही इस परियोजना का काम तेज हो गया।

270 किलोमीटर का सफर होगा कम

जबलपुर-गोदिंया परियोजना पूरी होने के बाद जबलपुर से दक्षिण भारत की दूरी में लगभग 270 किलोमीटर कम होगी। इससे ट्रेन का सफर पांच से छह घंटे कम होगा। सांसद श्री सिंह ने बताया कि इस मार्ग के निर्माणाधीन अवधि में ही उनके कहने पर रेल मंत्री पीयूष गोयल द्वारा इस ट्रैक का इलेक्ट्रिफिकेशन करने की सहमती प्रदान की गई थी, जो आमान परिवर्तन के साथ-साथ किया जा रहा था। यह कार्य भी 15 दिनों के अंदर पूरा हो जाएगा।