RBI Monetary Policy: EMI और नहीं घटेगी, लेकिन आगे के लिए अच्छे संकेत, पढ़िए बड़ी बातें

RBI Monetary Policy: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति कमेटी की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रेपो रेट 4 फीसदी पर बनी रहेगी। वहीं रिवर्स रेपो रेट में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी अभी ब्याज दरों में और कमी की उम्मीद नहीं है। हालांकि शक्तिकांत दास ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद देश की अर्थव्यस्था में सुधार आया है। देश का मूड अब आगे बढ़ने की ओर है। जीडीपी ग्रोथ सकारात्मक रहने की उम्मीद है।

24 घंटे RTGS का प्रस्ताव
होम लोन का रिस्ट वेजेट घटाया
अर्थव्यवस्था में तेजी की उम्मीद बनी हुई है
रबी फसलों में खाद्यान्न उत्पादन का रिकार्ड बन सकता है

वर्ष 2021 में जीडीपी में 9.5% की गिरावट की संभावना है
बता दें, RBI की मौद्रिक नीति कमेटी की बैठक का शुक्रवार को तीसरा दिन था। यह बैठक 7 अक्टूबर से शुरू हुई थी। पहले इसके लिए 29 सितंबर की तारीख तय थी, लेकिन किन्हीं कारणों से बैठक टल गई। शेयर बाजार की भी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर पैनी नजर है। हालांकि उम्मीद कम ही थी कि रिजर्व बैंक नीतिगत दरों में कोई बदलाव करेगा, लेकिन कहा जा रहा था कि कोरोना महामारी के बाद मुश्किलों का सामना कर रहे आम आदमी के लिए कोई अच्छी खबर आ सकती है। बता दें, आरबीआई मौद्रिक नीति कमेटी में तीन जाने माने अर्थशास्त्री अशिमा गोयल, जयंत आर वर्मा और शशांक भिडे शामिल हैं।

इससे पहले अगस्त में RBI Monetary Policy की बैठक हुई थी, जिसमें रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया था। हालांकि इसके बाद 31 अगस्त को शक्तिकांत दास ने कहा था कि रेपो रेट में कटौती की गुंजाइश अब भी बनी हुई है। इसका मतलब है कि आगे चलकर बैंकों से मिलने वाले लोन की ब्याज दरें और कम हो सकती हैं। बकौल शक्तिकांत दास, आरबीआई किसी भी परिस्थिति से निपटने में सक्षम है और देश का बैंकिंग सिस्टम मजबूत है। ‘अनलॉक बीएफएसआई-2.0’ नाम से आयोजित एक वेबिनार ने उन्होंने ये बातें कही थीं।

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