First Cyclone in October 2020: आ रहा एक और चक्रवाती तूफान, इन 8 राज्यों में 9 अक्टूबर के बाद भारी बारिश की संभावना

First Cyclone in October 2020: देश में मानसून की विदाई का वक्त चल रहा है। हालांकि जाते जाते भी मानसून की प्रदेश में बारिश कर रहा है।

इस बीच, खबर है कि बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान की स्थिति बन रही है।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी अंडमान सागर में 9 अक्टूबर को कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है।

इसके चक्रवाती तूफान बनकर आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाके की ओर बढ़ने की आशंका है।

कम दबाव वाले क्षेत्र से ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में 11-13 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है।

बंगाल की खाड़ी में बने इसी कम दबाव के क्षेत्र के कारण अभी मुंबई में बारिश जारी रहेगी।

वहीं स्कायमेट के अनुसार, यह सिस्टम अगले 48 घंटों तक बंगाल की खाड़ी में ओडिशा और इससे सटे भागों के करीब बना रहेगा। उसके बाद यह ओडिशा के रास्ते जमीनी भागों की ओर बढ़ेगा।

10 अक्टूबर तक यह छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश होते हुए महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र पर पहुंच सकता है। इसका असर पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और गुजरात तक दिखेगा।

 

बता दें, अक्टूबर में भी बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान आता है। 2013 और 2014 के अक्टूबर महीने में भयंकर चक्रवाती तूफान फेलिन और हुदहुद आया था। इन दोनों तूफानों ने ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाके में काफी तबाही मचाई थी।

स्काटमेट के अनुसार, दक्षिण पश्चिम मानसून साल 2020 में वापसी की राह पर है। इसकी विदाई की शुरुआत 11 दिनों की देरी से 28 सितंबर 2020 को शुरू हुई। 30 सितंबर को इसने समूचे उत्तर पश्चिम भारत को अलविदा कह दिया।

दूसरे चरण में जम्मू कश्मीर से लेकर दिल्ली तक के क्षेत्र शामिल रहा। 30 सितंबर को मानसून की विदाई जम्मू कश्मीर से लेकर गिलगित-बालटिस्तान, मुजफ्फराबाद, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हो गई।

 

अगले दो-तीन दिनों के दौरान उत्तरी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, राजस्थान के लगभग सभी क्षेत्रों और उत्तर प्रदेश के कुछ भागों से मानसून के वापस होने की संभावना है।

लेकिन मध्य भारत के बाकी हिस्सों और पूर्वी तथा पूर्वोत्तर राज्यों से इसकी वापसी कुछ समय के लिए अभी लटक सकती है, क्योंकि एक निम्न दबाव का क्षेत्र बंगाल की खाड़ी पर बना हुआ है।

 

निम्न दबाव के रूप में उठा यह सिस्टम अगले 1 सप्ताह तक अस्तित्व में रहेगा और इसकी वजह से पूर्वी दक्षिण पूर्वी हवाएं देश के कई राज्यों पर चलती रहेगी। इसके कारण पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश तो होगी ही, साथ ही मध्य भारत में भी कुछ स्थानों पर वर्षा होगी। यह उत्तर-पश्चिमी दिशा में आगे बढ़ते हुए 9-10 अक्टूबर तक पश्चिमी मध्य प्रदेश और इससे सटे गुजरात के पास पहुंच जाएगा। इसके आगे बढ़ने की इसी प्रक्रिया के दौरान बारिश की गतिविधियां भी पश्चिमी दिशा में बढ़ती रहेंगी और 9-10 अक्टूबर के बाद जब यह सिस्टम कमजोर होते हुए गुजरात को पार कर जाएगा तब फिर से मॉनसून की वापसी शुरू होगी।

 

उल्लेखनीय है कि गुजरात और महाराष्ट्र दो ऐसे राज्य हैं जहां पर 10-15 अक्टूबर तक मानसून की गतिविधियां जारी रहना सामान्य मौसमी घटना है।

लेकिन इसके बाद मॉनसून समाप्त हो जाता है क्योंकि 15 अक्टूबर के आस-पास ही दक्षिण भारत में उत्तर पूर्वी मॉनसून के आगमन की आहट मिलने लगती है।

इस बदलाव के साथ-साथ मॉनसून की विदाई के बाद बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफानों के बनने की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं और वर्तमान मौसमी तथा समुद्र की स्थितियां 10 अक्टूबर के बाद बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान के लिए अनुकूल बनती हुई नजर आ रही हैं।