गिलोय औषधि नहीं अमृत, इसलिए इसे अमृता भी कहा जाता है, जनिये 100 बीमारियों में लाभदायक

स्वास्थ्य डेस्क। वास्तव में गिलोय औषधि नहीं अमृत है। इसलिए इसे अमृता भी कहा जाता है।

जनिये इसके लाभ

  1. 100 से अधिक बीमारियों में गिलोय लाभदायक है।

  2. गिलोय का काढ़ा सर्दी जुकाम कफ एलर्जी मैं बहुत लाभकारी है।

  3. गिलोय का काढ़ा लगभग हर तरह के बुखार में लाभकारी है। जैसे कि अस्थमा, स्वाइन फ्लू डेंगू चिकनगुनिया प्लेटलेट्स आदि में।

  1. गिलोय शुगर की मात्रा को कंट्रोल करता है किसलिए मधुमेह के रोगियों के लिए यह बहुत लाभकारी है।

  2. गिलोय immune सिस्टम को मजबूत करता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देता है।

  3. यह किसी भी तरह के इंफेक्शन को दूर करता है और न्यू ट्रेंस या माइक्रोन्यूट्रिएंट्स जैसे कि विटामिन ए विटामिन बी विटामिन सी विटामिन डी और विटामिन B12 की कमी को पूरा करता है।

  4. यह भयंकर अर्थराइटिस मैं भी बहुत लाभकारी है। यानी कि वात रोग को भी दूर करता है।

  5. इसके सेवन से कब्ज दूर होती है।

  6. जो लोग बार-बार बीमार पड़ते हैं या जिनको मौसम बदलने पर बीमारी हो जाती है उनको गिलोय का सेवन जरूर करना चाहिए।

  7. जो लोग गिलोय का सेवन करते हैं उन्हें बुखार कभी नहीं आता।

  8. प्लेटलेट्स कम होने पर गिलोय के सेवन से प्लेटलेट्स बहुत जल्दी बढ़ने शुरू हो जाते हैं।

12.जो लोग गिलोय का सेवन करते हैं उनको मोटापा नहीं आता।

  1. और जो लोग मोटे हैं वह गिलोय का सेवन करने से पतले हो जाते हैं।

  2. जिन लोगों को बार बार सर्दी जुकाम बुखार होता रहता है उन्हें गिलोय का सेवन जरूर करना चाहिए।

  3. गिलोय त्रिदोष नाशक है। यह वात पित्त और कफ दोष को खत्म करती है।

  4. गिलोय का सेवन करने वाले व्यक्ति को हार्ट की प्रॉब्लम नहीं होती।

  5. गिलोय का सेवन करने वाले व्यक्ति को कोलस्ट्रोल नहीं बढ़ता।

  6. गिलोय पीने वाले को डायबिटीज नहीं होती और अगर डायबिटीज है तो वह खत्म हो जाती है।

  7. गिलोय कैंसर नाशक भी है।कैंसर में गिलोय एलोवेरा गेहूं का जवारा तुलसी और नीम यह पांच चीजों का जूस पीना चाहिए जिससे कि पंचामृत कहते हैं।

  8. कोराना जैसे वायरस से बचाने में भी गिलोय और तुलसी जैसा कोई नहीं।

  9. गिलोय के सेवन से शरीर के टॉक्सिंस बाहर निकल जाते हैं।

  10. यह रक्त संबंधी विकारों को दूर करती है और खून को शुद्ध करते हैं।

  11. गिलोय का प्रयोग प्रातः खाली पेट करने से इसका बहुत लाभ मिलता है।

  12. गिलोय का लाभ तो है ही है परंतु नीम के पेड़ पर चढ़ी हुई गिलोय का लाभ बहुत अधिक है। इसको नीम गिलोय कहा जाता है।  और मुझे बुखार में विशेष रूप से लाभकारी है।

  13. गिलोय शरीर के कोशिकाओं को नई शक्ति प्रदान करती है और उनकी बूढ़ा होने के समय को बढ़ा देती है।

  14. जो लोग लंबे समय तक जवान देना चाहते हैं उनको गिलोय का सेवन जरूर करना चाहिए।

  15. गिलोय के नियमित प्रयोग से व्यक्ति की उम्र बढ़ जाती है और यहां तक आ जाता है। जो व्यक्ति गिलोय का सेवन करता रहता है।। वह 100 साल तक निरोग जीता है

  16. यह गिलोय वाइरस या इंफेक्शन की स्थिति में बहुत लाभकारी है।

  17. जिन लोगों को बार-बार दस्त लगते हो। उसी सिटी में थोड़ी सी गिलोय की डंडी को लेकर उसे कूटकर उसके पानी को पिएं तो बहुत लाभ होगा।

  18. गिलोय हिचकी में भी बहुत लाभकारी है।

  19. जिनका पीलिया रोग ठीक नहीं हो रहा है तो पुनर्वा मूल और गिलोय का ताजा डेंटल कूटकर रस निकाल लें। इस रस को कुछ दिन तक पिए। तो पीलिया से मुक्ति मिल जाएगी। और दोबारा पीलिया होने से भी बचेंगे।

  20. यह लीवर से संबंधित विकारों में भी बहुत लाभकारी है।

  21. गिलोय पीलिया के कारण बड़े हुए ब्लू रोबिन को कंट्रोल करता है।

  22. प्रमेय धातु रोग व कमजोरी होने पर गिलोय के रस के साथ मिश्री या शहद मिलाकर इसका सेवन करें।

  23. इसके प्रयोग से चेहरे पर झाइयां और झुर्रियां नहीं पड़ेगी चेहरे पर निखार आएगा और तो जगी रंगत भी बढ़ेगी।

मतलब वास्तव में गिलोय औषधि नहीं अमृत हैI। इसलिए इसे अमृता भी कहा जाता है।