कोरोना काल का नया शब्द: ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ने निर्देश न मानने वालों को दी ‘कोविडियट’ की संज्ञा

आप ऐसे लोगों से जरूर टकराए होंगे जो खुले तौर पर कोविड-१९ महामारी के मद्देनजर जारी दिशा-निर्देशों को मानने से इनकार करते हैं। ऐसे लोगों को आप क्या कहेंगे। ऑक्सफोर्ड एडवांस्ड लर्नर्स डिक्शनरी का कहना है कि ऐसे लोगों को कोविडियट (कोविड+इडियट) कहा जाता है। और हां, यह आधिकारिक है। आप इसे उसकी वेबसाइट पर भी देख सकते हैं। 

कोविड-१९ महामारी के दौर में कई नए शब्द उभरकर सामने आए हैं, जैसे सोशल डिस्टेंसिंग, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग। इसके अलावा भी कई ऐसे शब्दों, मुहावरों और संक्षिप्तीकरणों को अपनी सूची में शामिल किया है। ऑक्सफोर्ड एडवांस्ड लर्नर्स डिक्शनरी (ह्र्ररुष्ठ), ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस का सबसे बड़ा अंग्रेजी भाषा का शब्दकोश है, जो कि गैर-देशी लोगों के लिए प्रकाशित किया जाता है। 
ऑक्सफोर्ड एडवांस्ड लर्नर्स डिक्शनरी पिछले २० वर्षों से हर तीन महीने में नए शब्दों को अपनी सूची में शामिल करने का एलान करता है। आमतौर पर यह मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर के महीने में नए शब्दों की घोषणा करता है। लेकिन वर्ष २०२० में इसने बीच में भी नए शब्दों का एलान किया, जो कि कोविड-१९ महामारी के कारण प्रयोग में आए हैं। 

ये नए शब्द जुड़े
कोरोना, कोरोना वायरस, कोविड-१९, कोविडियट, डीप-क्लीन, एल्बो बम्प, एल्बम्प, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, कम्यूनिटी स्पेड, कम्यूनिटी ट्रांसमिशन, फ्लैटेन द कर्व, हैंड जेल, हैंड सैनेटाइजर, हेल्थ प्रोफेशनल, हर्ड इम्यूनिटी, हॉट जोन, जूम बॉम्बिंग, क्वारेंटीनी, डूमस्क्रोलिंग, हाइड्रोक्लोरोक्वीन, एनकोव, पैनिक बायइंग, पेशेंट जीरो, पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्यूपमेंट, पीपीई, सेल्फ आइसोलेट, सेल्स-आइसोलेशन, सेल्फ-क्वारेंटीन, शेल्टर इन प्लेस, सोशल डिस्टेंट, सोशल डिस्टेंसिंग, वेट मार्केट, डब्ल्यूएफएच, वर्क फ्रॉम होम : ऑक्सफोर्ड एडवांस्ड लर्नर्स डिक्शनरी में शामिल किए गए ये सभी शब्द प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से महामारी से संबंधित हैं।

मिसाल के लिए
मिसाल के लिए एल्बो बम्प शब्द का अर्थ है कि सुरक्षित तौर पर कोहनी टकराकर हाय-हलो करना। कोरोना काल में ऑनलाइन क्लास और मीटिंग के दौर में एक शब्द उभरा है- जूम बॉम्बिंग। इसका मतलब है ऐसी परिस्थिति जब किसी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अचानक से कोई अनजान व्यक्ति दिखने और बोलने लग जाए। सेल्फ क्वारेंटीन के दौर में अकेले कॉकटेल पीने वालों को क्वारेंटीनी कहा जाने लगा है। वहीं अगर कोई व्यक्ति एंग्जाइटी की वजह से ऐसी खबरें तलाशने लगे जिससे डिप्रेशन और बढ़ जाता है तो इसे डूमस्क्रोलिंग कहा जाने लगा है। 

दवाओं के नाम भी हुए मशहूर
कोरोना काल में तो कुछ दवाइयों के नाम भी बड़े मशहूर हुए। जैसे- हाइड्रोक्लोरोक्वीन और डेक्सामैथासोन। हाइड्रोक्लोरोक्वीन शब्द को पहली बार १९५१ में इस्तेमाल किया गया था। मलेरिया के इलाज में उपयोग की जाने वाली यह दवा वर्ष २०२० में इतनी प्रचलित हो गई कि उसने ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में जगह बना ली है। 

क्या कहते हैं संपादक
ऑक्सफोर्ड एडवांस्ड लर्नर्स डिक्शनरी के संपादकों का कहना है कि क्वारेंटीन, सेल्फआइसोलेशन जैसे महामारी से संबंधित शब्द पहले से ही मौजूद थे। इनका इस्तेमाल अब बहुत आम हो गया। कोरोना काल में पहले की तरह नए वैज्ञानिक या टेक्निकल शब्द सामने नहीं आए हैं। ज्यादातर पुराने अस्पष्ट शब्द, ड्रग या मेडिसिन टर्म सामने आए हैं जो रोज की बोल-चाल में शामिल हो गए हैं। 

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