पूरी दुनिया देखेगी भोपाल के जवान की मानवीयता, 3 महीने की बच्ची को चलती ट्रेन में पहुंचाया था दूध

भोपाल। लॉकडाउन में भोपाल के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान इंदर सिंह यादव ने तीन महीने की बच्ची तक चलती ट्रेन में दूध पहुंचाकर मानवता का जो उदाहरण पेश किया था, उसे अब दुनिया देखेगी। डिस्कवरी चैनल की टीम यादव पर शॉर्ट फिल्म बना रही है। इसका प्रसारण पूरी दुनिया में किया जाएगा। इसके कुछ दृश्य 10 से 22 सितंबर के बीच भोपाल रेलवे स्टेशन और बड़े तालाब के किनारे फिल्माए जा चुके हैं। जवान पर फिल्म बनाने की सहमति भारत सरकार ने दी है। उनके कामों की तारीफ रेल मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन समेत कई केंद्रीय मंत्री कर चुके हैं।

जवान ने खुद के रुपयों से खरीदकर पहुंचाया था दूध

कोरोना लॉकडाउन में कर्नाटक के बेलगांव से मजदूरों को लेकर एक ट्रेन उत्तरप्रदेश के गोरखपुर जा रही थी। 31 मई 2020 को यह ट्रेन भोपाल स्टेशन के प्लेटफार्म-1 पर पहुंची थी। इसमें साफिया हाशमी तीन महीने की बेटी के साथ सफर कर रही थीं। इस दौरान बच्ची दूध के लिए रो रही थी। स्टेशन पर तैनात यादव की नजर उस पर पड़ी, तो उन्होंने हाल जाना। साफिया ने बताया कि बेटी भूखी है, दूध नहीं मिल रहा है। पिछले स्टेशनों पर मांगा था, लेकिन नहीं मिला। यह सुनकर जवान ने प्लेटफार्म से बाहर दौड़ लगा दी। स्टेशन से लगभग 150 मीटर दूर दुकान से 25 रुपये में दूध का पैकेट खरीदा और उसी रफ्तार में वापस आए, तब तक ट्रेन रफ्तार पकड़ चुकी थी। यादव रुके नहीं और ट्रेन की रफ्तार से तेज दौड़कर साफिया के हाथों में दूध का पैकेट दे दिया। मदद का यह नजारा सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। जब साफिया गोरखपुर अपने घर पहुंचीं, तो उन्होंने सोशल मीडिया के जरिये यादव को धन्यवाद कहा था।

कई सम्मान की हो चुकी है घोषणा

रेल मंत्री पीयूष गोयल, आरपीएफ के महानिदेशक अरण कुमार, द अमेरिकन यूनिवर्सिटी फॉर ग्लोबल पीस नामक संस्था और ड्रीम भोपाल-ग्रीन भोपाल संस्था ने इंदर सिंह यादव का सम्मान करने की घोषणा की है।

दूसरों के लिए जीने का उत्साह बढ़ गया

भोपाल के आरपीएफ आरक्षक इंदर सिंह यादव ने बताया कि जोखिम उठाकर जरूरतमंदों की मदद करने के बाद जीवन में उत्साह है। जिस दिन मैंने मदद के लिए कदम बढ़ाया था, तब एहसास नहीं हुआ था कि मेरे इस काम से रेलवे, आरपीएफ और भोपाल को इतना सम्मान मिलेगा। इस काम ने मेरे साथ मेरे परिवार का उत्साह भी बढ़ाया है। पूर्व की तुलना में पूछपरख, मान-सम्मान बढ़ गया है। कई सामाजिक संस्थाओं ने उत्साह बढ़ाया है। लोग स्टेशन पर मिलने आते हैं, कॉल करते हैं। भोपाल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त बी. रामकृष्णा ने बताया कि जवान पर फिल्म बनाई जा रही है, जो दूसरों को भी प्रेरित करेगी।