Bus Fare in MP: बस किराया बढ़ा नहीं और यात्रियों से वसूल रहे 25 से 30 फीसद ज्यादा पैसा

भोपाल । Bus Fare in MP: दिन शनिवार। समय दोपहर के एक बजे हैं। स्थान आइएसबीटी।

1:10 बजे कमल कुमार वर्मा ट्रेवल्स के कार्यालय में बैठे कर्मचारी से पूछते हैं कि भैया राजकोट का किराया 1370 रुपये कब से हो गया? मुझे ध्यान है कि पहले 900 से 1000 रुपये लगता था।

आपके बोर्ड ऑफिस कार्यालय से टिकट बुक कराया तो सोचा ज्यादा किराया लगा होगा, इसलिए पूछ रहा हूं। इस पर कर्मचारी ने कहा कि अभी कोरोना चल रहा है। शुक्र मानाओ बस मिल रही है। इसी तरह दूसरे यात्रियों को छिंदवाड़ा का किराया 350 की जगह 580 रुपये बताया गया।

अधिक किराया लेने पर यात्री व कर्मचारी के बीच विवाद भी हुआ। यही हाल बस स्टैंड से सारणी व टिमरनी जाने वाली बसों के परिचालक बिना कोई टिकट दिए यात्रियों से 25 से 30 फीसद ज्यादा किराया वसूल रहे हैं। मजबूरी में लोग अधिक किराया देकर बसों में सफर कर रहे हैं।

बसों का संचालन पांच सितंबर से शुरू हुआ था, तब से निजी बस संचालक अधिक किराया ले रहे हैं। बसों के संचालन के दो सप्ताह बाद भी आरटीओ उड़नदस्ता ने अधिक किराया लेने वाली निजी ट्रेवल्स एजेंसी व बस संचालकों पर कोई कार्रवाई नहीं की है।

डीजल के दाम बढ़ने का दे रहे हवाला

निजी ट्रेवल्स एजेंसी व बस संचालक यात्रियों से कह रहे हैं कि डीजल 83 रुपये प्रति लीटर हो गया है, इसलिए किराया बढ़ा दिया है, जबकि शासन ने अभी किराया नहीं बढ़ाया है। सिर्फ शुक्रवार को औपचारिक रूप से किराया बोर्ड की बैठक हुई है। इसमें बस संचालकों ने 50 से 60 फीसद तक बसों का किराया बढ़ाने की मांग की है।

मजबूरी में किया टिकट

ट्रेन नहीं चल रही। मजबूरी में राजकोट जाने के लिए 1370 रुपये का टिकट लिया। पहले 1000 रुपये तक किराया था। – कमल कुमार, यात्री

कार्रवाई की जाए

टिमरनी जाने के लिए कोरोना से पहले 150 रुपये किराया देता था। अब 200 रुपये ले रहे हैं। क्या करें मजबूरी है जाना तो है ही। – वीरेंद्र पवार, यात्री