By Election in MP : कांग्रेस के गद्दार का जवाब भाजयुमो ‘झूठ बोले कौवा काटे’ से देगा

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 ग्वालियर। दल-बदल से मध्य प्रदेश में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा व कांग्रेस के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता अब टकराव का रूप लेने लगी है। इससे उपचुनाव में हिंसा होने की आशंका हैं।

टकराव की शुरूआत कांग्रेस छोड़कर भाजपा गये राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन से शुरू हुई है। भाजपा ने भी कांग्रेस को उसी की भाषा में जवाब देने की रणनीति बना ली है।

भाजपा ने कमल नाथ सरकार पर युवाओं के साथ विश्वासघात करने व उनके सम्मान के लिए ‘झूठे वाले कौवा काटे’ अभियान के तहत स्वाभिमान यात्रा के माध्यम से युवा मोर्चा को आगे कर दिया है।

इस यात्रा का मूल उदेश्य पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ और दिग्विजय का उपचुनाव वाले विधानसभा क्षेत्रों में आने पर उनका विरोध करने का है।

ग्वालियर आगमन पर सिंधिया के विरोध से हुई है इसकी टकराव की शुरूआत

मध्य प्रदेश में 27 विधानसभा चुनावों में नेताओं के बीच बदजुबानी के साथ प्रदेश की राजनीति टकराव की तरफ बढ़ रही है।

शुरूआत कांग्रेस ने राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया के ग्वालियर आगमन पर विरोध प्रदर्शन से शुरू की थी। कांग्रेस छोड़ने के बाद पहली बार ग्वालियर आगमन पर कांग्रेस ने गद्दार का नारा उछालते हुए सिंधिया का विरोध किया था।

कांग्रेसियों का मानना है कि सरकार गिरने के बाद निष्प्राण हुई कांग्रेस को संजीवनी मिली है। उसके बाद जौरा व अन्य विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस ने सिंधिया को घेरने के लिये काले झंडे दिखाने का प्रयास किया।

जवाब दतिया के उन्नाव में दिग्विजय सिंह को दिखाये काले झंडे

कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन का जवाब देने के लिए भाजपा कांग्रेस के प्रमुख रणनीतिकार पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को घेरकर दतिया के उन्नाव में काले झंडे दिखाकर इसका जवाब दिया। अब भाजपा भी विशेष रूप से कमल नाथ व दिग्विजय सिंह के चुनाव क्षेत्रों में आने पर इसी तर्ज उनका विरोध करेगी।

युवा मोर्चा ने फ्रंट पर आकर संभाला मोर्चा

भाजपा का युवा संगठन भाजयुमो विधानसभा क्षेत्रों ने नगर व ग्राम में युवा स्वाभिमान यात्रा निकालेगा। युवा मोर्चा ने कमल नाथ व दिग्विजय सिंह को घेरकर जवाब मांगने का एलान किया है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने युवा मोर्चा के प्रदेश कोषाध्यक्ष चंद्र प्रकाश मिश्रा के साथ सोमवार को मीडिया से चर्चा करते हुए इस अभियान के तहत कमल नाथ व दिग्विजय सिंह का खुला विरोध करने का ऐलान किया है। साथ ही प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि वे नकारात्मक राजनीति नहीं करते हैं। कांग्रेस के पास सिंधिया का विरोध करने का एक सही कारण नहीं हैं। लेकिन भाजपा के पास कमल नाथ से जवाब मांगने के कई सवाल हैं। क्योंकि प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को समूचे राज्य का विकास करने के लिए सिंधिया के चेहरे पर वोट दिया था। लेकिन विकास छिंदवाड़ा का हुआ। युवा मोर्चा प्रदेश के युवाओं के साथ कमल नाथ सरकार द्वारा किये गये विश्वासघात की लड़ाई लड़ेगा। युवा मोर्चा के इस ऐलान से संकेत मिलते हैं कि सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बार 18 सितंबर को 2 दिवसीय दौरे पर आ रहे कमल नाथ को युवा मोर्चा के विरोध का सामना करना पड़ सकता है।

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