पिकनिक मनाने रीवा गए पांच युवक झरने में डूबे, शव निकालने को भी वसूले रुपये

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पिकनिक मनाने रीवा गए युवकों के झरने में डूबने की खबर पहुंचने पर उनके घरों में कोहराम मच गया। शहर से पहुंचे परिजन तलाश में जुटे रहे और तब जाकर 15 घंटे बाद युवकों के शव मिले।

जिनकी लाशें देखकर परिजन बदहवास से हो गए। वहां मौजूद रिश्तेदारों व अन्य लोगों ने किसी तरह उन्हें संभाला और तब जाकर सभी शव लेकर घरों के लिए रवाना हुए।

हादसे में मृत प्रज्जवल राजकीय इंटर कॉलेज में कक्षा छह का छात्र था। उसके पिता मुकेश प्राइवेट नौकरी करते हैं। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा था। पिता मुकेश ने बताया कि सुबह 8.30 बजे के करीब प्रज्जवल अपने दोस्तों संग यह कहकर घर से निकला कि रात तक घर आ जाएगा।

शाम चार बजे के करीब बेटे के साथ गए अंकुर ने फोन कर बताया कि प्रज्जवल व अन्य साथी नहाते वक्त झरने में डूब गए हैं तो घरवाले परेशान हो उठे।

एक घंटे बाद फिर बात हुई तो बताया कि बहुत ढूढने के बाद भी उनका कुछ पता नहीं चला। रात 8 बजे के करीब अंकुर अपने एक अन्य साथी संग शहर पहुंचा और पूरी घटना बताई। जिसके बाद वह उन दोनों व अपने कुछ रिश्तेदारों को लेकर चल दिए। 12 बजे के करीब वहां पहुंचकर उन्होंने पुलिस को सूचना दी लेकिन रात होने के कारण कोई कार्रवाई करने में असमर्थता जता दी गई।

आखिरी पलों में भी नहीं छूटा फुफेरे भाइयों का साथ
हादसे में जान गंवाने वाले प्रज्जवल व यश फुफेरे भाई थे जिनकी आपस में खूब बनती थी। दोनों जीआईसी में पढ़ते थे। उनका ज्यादातर वक्त साथ ही गुजरता था। नियति का खेल देखिए कि आखिरी वक्त में भी उनका साथ नहीं छूटा। बेटों की मौत से दोनों के परिजन बिलखते रहे।

इंसानियत शर्मसार, शव निकालने को भी वसूले रुपये
इस घटना में कुछ स्थानीय लोगों के रवैये से इंसानियत भी शर्मसार हुई। जिन्होंने नदी में मृत पड़े युवकों के शव बाहर निकालने के लिए भी रुपये वसूले। मृतक प्रज्जवल के पिता मुकेश ने बताया कि सबसे पहले उनके बेटे का शव पानी में उतराता मिला। जिसे बाहर निकालने के लिए कुछ स्थानीय यु    वकों से कहा गया तो उन्होंने पहले रुपये लिए और तब शव बाहर निकाले। एक और शव उन्होंने रुपये लेकर ही बाहर निकाला। बाद में पुलिस की ओर से गोताखोर बुलाए गए और तब जाकर तीन अन्य शव निकाले गए।

 

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