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शीतकालीन सत्र के पहले दिन नरेंद्र मोदी सरकार का बड़ा फैसला, ट्रिपल तलाक बिल को दी मंजूरी

ट्रिपल तलाक बिल पर केंद्र सरकार ने मुहर लगा दी है। अब इस बिल को कानूनी शक्ल देने के लिए दोनों सदनों में पास कराया जाएगा।

15 दिसंबर से शुरू हुए शीतकालीन सत्र में इसे पेश किया जाएगा। यह सत्र 5 जनवरी को खत्म होगा। केंद्र सरकार की ओर से तैयार विधेयक के मसौदे में कहा गया है कि एक बार में तीन तलाक गैरकानूनी होगा और ऐसा करने वाले पति को तीन साल जेल की सजा हो सकती है। किसी भी स्वरूप में दिया गया ट्रिपल तलाक (मौखिक, लिखित या इलैक्ट्रोनिक) गैर कानूनी माना जाएगा। अगर किसी महिला को ट्रिपल तलाक दिया जाता है तो वह महिला खुद और अपने नाबालिग बच्चों के लिए मजिस्ट्रेट से भरण-पोषण व गुजारा-भत्ते की मांग कर सकती है। कितना गुजारा-भत्ता देना है यह मजिस्ट्रेट तय करेगा। नाबालिग बच्चों की कस्टडी के लिए भी पीड़ित मजिस्ट्रेट से गुहार लगा सकती है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक  ‘मुस्लिम वुमन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज बिल’ के ड्राफ्ट को इंटर-मिनिस्टर ग्रुप द्वारा तैयार किया गया है, जिसका नेतृत्व गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने किया था।

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