रेलवे गार्ड की परीक्षा में फर्जीवाड़ा, 3 से 5 लाख रुपए में पेपर आउट, वायरल ऑडियो से खुली पोल

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झांसी । उत्तर प्रदेश के झांसी (Jhansi) रेल मंडल मुख्यालय में विभागीय गार्ड पदोन्नति परीक्षा (Guard Promotion Exam) में कथित तौर पर 3 से 5 लाख रुपए देकर ऐसे अभ्यर्थी उत्तीर्ण होकर गार्ड बन गए हैं, जिन्हें कोई ज्ञान ही नहीं है. इस भ्रष्टाचार से संबंधित कुछ ऑडियो वायरल (Viral Audio) हो गए हैं, जिनमें सच्चाई उजागर हो रही है. पता चला कि परीक्षा से 3 दिन पहले प्रश्न पत्र की छायाप्रति उन अभ्यर्थियों को उपलब्ध करा दी गई थी, जिन्होंने एडवांस में भ्रष्टाचार की रकम दलाल के माध्यम से पैनल तक पहुंचा दी थी. मामले में फिलहाल रेलवे के उच्चाधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक शिकायत नहीं मिली है, शिकायत मिलते ही जांच की जाएगी.

150 अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन

दरअसल, झांसी रेल मंडल में विभागीय गार्ड की पदोन्नति परीक्षा लिखित 23 फरवरी 2020 को मुख्यालय पर हुई थी. इस पद के लिए मंडल के प्वाइंट मैन, शंटिंग मास्टर आदि ने आवेदन किए थे. इस परीक्षा प्रक्रिया को सम्पन्न कराने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों का चार सदस्यीय पैनल बनाया गया था. इस परीक्षा में रिक्तियों के सापेक्ष लगभग 150 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था. जो आडियो वायरल हुए हैं, उनके अनुसार गार्ड बनने के लिए योग्यता की नहीं तीन से पांच लाख रुपए देना जरूरी रहा. खुलेआम कामर्शियल के कतिपय दलालों के माध्यम से अभ्यर्थियों से सौदा हुआ.

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3 दिन पहले प्रश्नपत्र की फोटोकॉपी मिली अभ्यर्थियों को
इस डील में जिन्होंने वांछित रकम उपलब्ध करा दी, उन्हें परीक्षा के तीन दिन पहले प्रश्न पत्र की सही उत्तर वाली छाया प्रति दे दी गई. ऑब्जेक्टिव प्रश्न पत्र में उत्तर के रूप में सही पर गोले बनाने थे. परीक्षार्थियों ने प्रश्न पत्र व उसके सही उत्तर की पर्ची तैयार कर ली. परीक्षा में शामिल संबंधित परीक्षार्थियों ने घर से लाई पर्ची से देख-देख पर प्रश्न पत्र में गोले बनाने शुरू कर दिए. हालत यह रही कि लोगों ने 70 से 100 प्रश्नों को सही कर दिया. उन्हें खुशी थी कि प्रश्न व सही उत्तर पहले से ही मिल गए थे.

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रिजल्ट ने चौंकाया

परीक्षा के बाद जब 31 जुलाई 2020 को परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, इसमें 84 अभ्यर्थियों को पास घोषित किया गया. परिणाम देख कर अफरातफरी मच गई. दरअसल परिणाम देख कर जानकार चकित रह गए. इसमें ऐसे अभ्यर्थी पास हो गये थे, जिन्हें सही तरीके से पढ़ना-लिखना ही नहीं आता था. वहीं दूसरी तरफ रुपए देने के बाद जो अभ्यर्थी पास नहीं हो पाए थे, उन्होंने अपने रुपयों की वापसी के लिए दलालों को घेरना शुरू कर दिया. दलालों द्वारा हीलाहवाली दिखाने पर विवाद शुरू हो गया.

दलाल और अभ्यर्थियों के बीच बातचीत का ऑडियो वायरल

इन विवादों के चलते दलाल व अभ्यर्थियों के बीच हुई लेनदेन का ऑडियो वायरल हो गया. ऑडियो में स्पष्ट रूप से गार्ड की विभागीय परीक्षा में तीन से पांच लाख रुपए लेकर प्रश्न पत्र उत्तर सहित देने का जिक्र तो है ही, साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि रुपए देकर गधे से गधे पास हो गये. जो पास नहीं हुए हैं, उन्हें रुपए वापस नहीं होंगे क्योंकि रुपए के एवज में प्रश्न पत्र व उत्तर देने का वायदा किया था. यदि इसके बाद भी वह सही नहीं कर पाए तो उनकी जिम्मेदारी नहीं है.

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