पैरेंट्स की मांग, 9वीं से 12वीं के लिए भी ऑनलाइन कक्षाओं को कम किया जाए

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भोपाल। निजी व सरकारी स्कूलों में एलकेजी से पांचवीं कक्षा तक ऑनलाइन कक्षाओं पर रोक लगा दी गई है। इससे अभिभावक खुश हैं, लेकिन वे 9वीं से 12वीं तक में 5 से 6 घंटे की ऑनलाइन क्लास से परेशान हैं। स्कूल द्वारा हर रोज 5 विषयों की पढ़ाई कराई जा रही है। ऐसे में कामकाजी अभिभावक बच्चों पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। अभिभावकों ने मांग की है कि 9वीं से 12वीं में भी ऑनलाइन कक्षाओं को कम किया जाए।

पालक महासंघ इस संबंध में सोशल मीडिया के जरिए ट्यूशन फीस माफ कराने के लिए अभियान चला रहे हैं। वहीं अभिभावकों का कहना है कि सीबीएसई स्कूलों द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर ट्यूशन फीस वसूल रहे थे। पढ़ाई नहीं होगी तो फीस भी नहीं लगनी चाहिए। वहीं शुक्रवार को निजी स्कूलों द्वारा प्रायमरी में चलाए जा रहे ऑनलाइन कक्षाओं के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी के पास शिकायत पहुंची है।

बाल आयोग ने स्कूल शिक्षा विभाग को सुझाव दिया है कि 9वीं से लेकर 12वीं तक की ऑनलाइन कक्षाओं में सिर्फ दो विषय पढ़ाया जाए। अन्य विषयों की शिक्षण सामग्री व होमवर्क तैयार कर स्कूल की वेबसाइट एवं वाट्सएप ग्रुप पर अपलोड कर सकते हैं, ताकि विद्यार्थी उन्हें अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय या अनेक बार पढ़ सकेंगे।

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