मणिपुर : भाजपा संकट में, राज्यपाल से मिले विपक्ष, विशेष विधानसभा सत्र बुलाने मांग

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मणिपुर में मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर संकट गहराता ही जा रहा है।

कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला से मिलकर जल्द से जल्द विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है।

इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष ने भाजपा के तीन विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही उनकी सीटें रिक्त घोषित कर दी गई हैं।

 

एनडीए सरकार से इस्तीफा देने वाले नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के अध्यक्ष थांगमलेन किपगेन ने बताया, हमने राज्यपाल ने विधानसभा सत्र बुलाने और पूर्व सीएम और कांग्रेस विधायक दल के नेता ओ इबोबी सिंह के नेतृत्व में नवगठित सेक्युलर पीपुल्स फ्रंट (एसपीएफ) को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने का आग्रह किया है।

राज्यपाल को सौंपे पत्र में कांग्रेस को एनपीपी, तृणमूल कांग्रेस और एक निर्दलीय विधायक के समर्थन का दावा किया है।

एनडीए सरकार से इस्तीफा देने वाले नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के अध्यक्ष थांगमलेन किपगेन ने बताया, हमने राज्यपाल ने विधानसभा सत्र बुलाने और पूर्व सीएम और कांग्रेस विधायक दल के नेता ओ इबोबी सिंह के नेतृत्व में नवगठित सेक्युलर पीपुल्स फ्रंट (एसपीएफ) को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने का आग्रह किया है।

राज्यपाल को सौंपे पत्र में कांग्रेस को एनपीपी, तृणमूल कांग्रेस और एक निर्दलीय विधायक के समर्थन का दावा किया है।

 

एनडीए सरकार से इस्तीफा देने वाले नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के अध्यक्ष थांगमलेन किपगेन ने बताया, हमने राज्यपाल ने विधानसभा सत्र बुलाने और पूर्व सीएम और कांग्रेस विधायक दल के नेता ओ इबोबी सिंह के नेतृत्व में नवगठित सेक्युलर पीपुल्स फ्रंट (एसपीएफ) को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने का आग्रह किया है। राज्यपाल को सौंपे पत्र में कांग्रेस को एनपीपी, तृणमूल कांग्रेस और एक निर्दलीय विधायक के समर्थन का दावा किया है।

कांग्रेस के पर्यवेक्षक अजय माकन होंगे
वहीं कांग्रेस ने मणिपुर में पार्टी की गतिविधियों के लिए पर्यवेक्षक के रूप में अजय माकन की नियुक्ति की है। वह कल मणिपुर पहुंचेंगे। पार्टी के प्रदेश प्रभारी गौरव गोगोई भी कल पहुंचेंगे।

अविश्वास प्रस्ताव लाएगी कांग्रेस
इससे पहले कांग्रेस नेता इबोबी सिंह ने कहा था कि उनकी पार्टी राज्य में गठबंधन सरकार बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, विधानसभा और पार्टी से इस्तीफा देेने वाले भाजपा के तीनों विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।

कांग्रेस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। गौरतलब है कि उपमुख्यमंत्री वाई जॉयकुमार सिंह सहित एनपीपी के चार मंत्रियों ने बुधवार को सरकार से समर्थन वापस ले लिया था।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस के विधायक टी रबिंद्र सिंह और निर्दलीय विधायक शहाबुद्दीन के भी समर्थन वापस लेने से सरकार संकट में आ गई है।

इबोबी ने दावा किया, कांग्रेस के 27 विधायक हैं। एनपीपी के चार तथा एक-एक तृणमूल और निर्दलीय विधायक हमें समर्थन दे रहे हैं। ऐसे में हमारी संख्या 33 हो जाती है। वहीं, 26 सदस्यों वाली भाजपा के तीन विधायकों के इस्तीफे के बाद अब 23 विधायक ही हैं। 60 सदस्यीय विधानसभा में एक विधायक अयोग्य होने से 59 विधायक हैं।

विधायकों की अयोग्यता पर फैसला टला
वहीं, कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले सात विधायकों के मामले की स्पीकर ट्रिब्यूनल के साथ ही मणिपुर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है।

ट्रिब्यूनल पहले इस मामले में 22 जून को सुनवाई करने वाला था लेकिन उसने बृहस्पतिवार को ही सुनवाई पूरी कर ली। हालांकि हाईकोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष को विधायकों की अयोग्यता पर शुक्रवार तक फैसला न सुनाने को कहा है। गौरतलब है कि शुक्रवार को राज्यसभा चुनाव है।

इससे पहले दिन में कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष वाई खेमचंद्र को हटाने के लिए विधानसभा सचिवालय को नोटिस भी दिया है।
इस्तीफा देने वाले विधायकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं : भाजपा
भोपाल। भाजपा मणिपुर प्रभारी प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा है कि पार्टी ने विधानसभा ने इस्तीफा देने वाले तीन विधायकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।

उन्होंने कहा, मणिपुर में गठबंधन सरकार है। एनपीपी ने समर्थन वापस ले लिया है लेकिन संख्या बल हमारे साथ है। शीर्ष नेतृत्व इस मामले पर नजर रखे हुए है।

 

 

 

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