भारत 8वीं बार सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य चुना गया; अमेरिका ने कहा- हम मिलकर दुनिया में अमन बहाली के लिए काम करेंगे

Advertisements
Advertisements

न्यूयॉर्क. भारत 8 साल में 8वीं बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य चुन लिया गया है। बुधवार को हुई वोटिंग में महासभा के 193 देशों ने हिस्सा लिया।

184 देशों ने भारत का समर्थन किया। अमेरिका ने सुरक्षा परिषद में भारत की अस्थाई सदस्यता का स्वागत किया। कहा- भारत और अमेरिका मिलकर दुनिया में अमन बहाली और सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर काम करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के समर्थन देने वाले देशों का आभार जताया।

संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मुताबिक, भारत दो साल के लिए अस्थाई सदस्य चुना गया है। भारत के साथ आयरलैंड, मैक्सिको और नॉर्वे भी अस्थाई सदस्य चुने गए हैं।

यह संबंधों का विस्तार
भारत को अस्थाई सदस्य बनाए जाने की घोषणा के बाद अमेरिका की तरफ से एक बयान जारी किया गया। इसमें कहा गया, “हम भारत का स्वागत करते हैं। उसे बधाई देते हैं। दोनों देश मिलकर दुनिया में अमन बहाली और सुरक्षा के मुद्दों पर काम करेंगे। दोनों देशों के बीच ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप है। हम इसे और आगे ले जाना चाहते हैं।”

मोदी ने क्या कहा?

सुरक्षा परिषद में भारत को अस्थाई सदस्य चुने जाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने खुशी जाहिर की। एक ट्वीट में कहा- यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में भारत की अस्थाई सदस्यता के लिए दुनिया ने समर्थन और सहयोग दिया। मैं उनका आभार प्रकट करता है। भारत सभी के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय शांति, सुरक्षा और बराबरी के लिए काम करेगा।

Narendra Modi

@narendramodi

Deeply grateful for the overwhelming support shown by the global community for India’s membership of the @UN Security Council. India will work with all member countries to promote global peace, security, resilience and equity.

15.7 हज़ार लोग इस बारे में बात कर रहे हैं

पाकिस्तान परेशान

संरा सुरक्षा परिषद में भारत को अस्थाई सदस्यता मिलने से पाकिस्तान परेशान है। वोटिंग के पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह मोहम्मद कुरैशी ने कहा- यूएनएससी में भारत की अस्थाई सदस्यता हमारे लिए चिंता का विषय है।

भारत हमेशा इस मंच से उठाए जाने वाले प्रस्तावों को खारिज करता रहा है। भारत के अस्थाई सदस्य बनने से कोई आसमान नहीं फट पड़ेगा। पाकिस्तान भी सात बार अस्थाई सदस्य रह चुका है।

क्यों चुने जाते हैं अस्थाई सदस्य

सुरक्षा परिषद में अस्थाई सदस्य चुनने का मकसद यह होता है कि वहां क्षेत्रीय संतुलन बना रहे। अफ्रीका और एशिया-प्रशांत देशों के लिए तय दो सीटों पर तीन उम्मीदवार जिबूती, भारत और केन्या हैं।

ऐसे होता है चुनाव
193 सदस्यों वाले संयुक्त राष्ट्र में भारत को जीत के लिए दो-तिहाई यानी 128 सदस्यों का समर्थन चाहिए। सदस्य देश सीक्रेट बैलेट से वोटिंग करते हैं। भारत का कार्यकाल 1 जनवरी 2021 से शुरू होगा।

भारत कब-कब अस्थाई सदस्य चुना गया
भारत आठवीं बार सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य चुना जा रहा है। इसके पहले 1950-51, 1967-68, 1972-73, 1977-78, 1984-85, 1991-92 और 2011-12 में भारत यह जिम्मेदारी निभा चुका है।

सुरक्षा परिषद में कुल 15 देश

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 देश हैं। इनमें पांच स्थायी सदस्य हैं। ये हैं- अमेरिका, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन और चीन। 10 देशों को अस्थाई सदस्यता दी गई है। हर साल पांच अस्थायी सदस्य चुने जाते हैं। अस्थाई सदस्यों का कार्यकाल दो साल होता है।

Advertisements