स्वामी प्रज्ञानंद जी ने जबलपुर कटंगी को विश्व पटल पर स्थापित करने में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

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जबलपुर(आशीष शुक्ला)। अंतरराष्ट्रीय प्रज्ञा मिशन के संस्थापक, आव्हान अखाड़े के महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी प्रज्ञानंद महाराज को सोमवार को सुबह अभिषेक के बाद 11 बजे मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित कटंगी में समाधि दी जाएगी।

शनिवार को दिल्ली स्थित आश्रम में वे चिर निद्रा में विलीन हो गए थे। रविवार को दिल्ली से एंबुलेंस से पार्थिव देह शाम छह बजे कटंगी स्थित प्रज्ञाधाम लाई गई। अन्य दो वाहन में महाराज के शिष्य भी थे।

झारखंड से कांग्रेस के पूर्व मंत्री ने दी स्वामी प्रज्ञानंद को श्रद्धांजलि

झारखंड से कांग्रेस के पूर्व मंत्री कृष्णानंद त्रिपाठी भी श्रद्धांजलि देने प्रज्ञाधाम पहुंचे। महाराज के देवलोकगमन की सूचना पर कटंगी में शोक छाया रहा। शाम को लोगों ने प्रज्ञाधाम जाकर महाराज के अंतिम दर्शन किए और श्रद्धांजलि दी।

इधर सीएम शिवराजसिंह, पूर्व सीएम कमलनाथ, भाजपा महासचिव कैलास विजयवर्गीय आदि ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।

स्वामी प्रज्ञानंद महाराज ने कटंगी को विश्व पटल पर पहुंचाया

लोगों का कहना था कि स्वामी प्रज्ञानंद महाराज ने जनकल्याण की भावना से राजसूय यज्ञ की शुरूआत कटंगी में कर इस नगर को विश्व पटल पर रखा।

कोरोना संक्रमण को देखते हुए जो जहां हैं, वहीं से दे श्रद्धांजलि

डॉ. स्वामी प्रज्ञानंद महाराज की शिष्या साध्वी विभानंद का कहना है कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए जो जहां हैं वहीं से महाराज जी को श्रद्धांजलि दें। ताकि व्यवस्थाएं बनी रहें। उन्होंने बताया कि समाधि के दौरान निरंजन अखाड़ा, जूना अखाड़ा के साथ ही वैष्णव संत भी मौजूद रहेंगे।

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