शिवराज-प्रहलाद में बढ़ रहीं नजदीकियां, नये समीकरण बनने के कयास

जबलपुर, नगर प्रतिनिधि। वैसे तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शासकीय कार्यक्रमों में शामिल होने जबलपुर आए हैं उन्होंने विकास कार्यों और नर्मदा संरक्षण के कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। लेकिन इन सबके बीच प्रदेश की राजनीति में पनप रहे नये समीकरणों की सुगबुगाहट ने नये राजनैतिक कयासों को जन्म दे दिया है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल का जबलपुर आना और दिनभर उनके साथ कार्यक्रमों में शामिल होना बहुतों के समझ के बाहर है। लेकिन इन सबके बीच जो दूसरी जानकारी सामने आ रही है वह इससे ज्यादा आश्चर्य पैदा करती है। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को भी मु यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रहलाद पटेल के बीच भोपाल के मुख्यमंत्री कार्यालय में लंबी चर्चा हुई थी। जिसे उनके लोकसभा क्षेत्र से संबंधित बताया गया। परंतु जानकारी के मुताबिक यहां दमोह के साथ साथ पूरे प्रदेश में बन रहे नये राजनैतिक परिदृश्य पर चर्चा हुई।
केन्द्र बिन्दु में किसान
पिछले दिनों हुए किसान आंदोलन में सरकार की जमकर फजीहत हुई थी जिसके बाद केन्द्र से लेकर आरएसएस तक में किसानों को गंभीरता से लेने को लेकर जमकर फटकार लगायी थी। जिसके बाद प्रदेश सरकार किसानों के विषयों को पूरी गंभीरता से ले रही है। नाराज किसानों को साधने के लिए मु यमंत्री कहीं न कहीं प्रहलाद पटेल को सामने लाना चाह रहे हैं। जिसके चलते ये नजदीकियां सामने आ रही हैं। इसके अलावा महाकौशल और बुंदेलखंड के ओवीसी फैक्टर को साधने में भी प्रहलाद मददगार हो सकते हैं।
हो गयीं थी दूरियां
उमाभारती के साथ नयी पार्टी बनाने के बाद प्रहलाद पटेल और शिवराज सिंह चौहान में दूरियां हो गयी थीं। जो दस साल से बरकरार थीं। प्रहलाद के पार्टी में आ जाने के बाद भी उन्हें प्रदेश की राजनीति से पूरी तरह से बाहर रखा गया था। मणीपुर में मिली जीत के बाद जब प्रहलाद पटेल का प्रदेश में जोरदार स्वागत हुए उस दौरान मु यमंत्री ने इस दूरी को पाटने की कोशिश शुरू कर दी थी। जिसका असर अब सभी के सामने दिख रहा है। यदि प्रहलाद प्रदेश संगठन में मजबूत होते हैं तो जबलपुर के बहुत से ऐसे बड़े नेता हैं जिनके पेटों में बल पड़ जाएगा।

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