MP के 50 हजार शिक्षकों को नई ट्रांसफर पॉलिसी का इंतजार

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भोपाल। मध्य प्रदेश के 35000 शिक्षक एक बार फिर अफसरशाही का शिकार हो गए। पिछले साल कमलनाथ सरकार ने ऑनलाइन आवेदन मंगवाए थी। 70000 ट्रांसफर करने थे लेकिन 35000 ही किए, शेष 35000 अटका दिए। सत्ता परिवर्तन और कोरोना लॉक डाउन से गुजरते हुए समय चक्र नए शिक्षा सत्र तक पहुंच गया है। अब मध्य प्रदेश के 50 हजार शिक्षक नई ट्रांसफर पॉलिसी का इंतजार कर रहे हैं।

35 हजार तबादले कमलनाथ सरकार ने अटकाए थे

मध्यप्रदेश में पिछले साल सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत तबादला किया गया। इसमें 70 हजार शिक्षकों ने मनचाहे जगह पर जाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन सिर्फ 35 हजार शिक्षकों का तबादला हुआ। अब भी 35 हजार शिक्षक तबादले का इंतजार कर रहे हैं। वे हर रोज आवेदन लेकर लोक शिक्षण संचालनालय का चक्कर लगा रहे हैं। हालांकि विभाग हर साल मई-जून से स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू कर देता है, ताकि ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूल खुलने पर शिक्षक पढ़ाने लग जाएं।

अतिशेष शिक्षकों का अब भी समायोजन नहीं

विभाग ने तीन साल से पोर्टल अपडेट नहीं किया। साथ ही पिछले साल हुए ऑनलाइन स्थानांतरण के दौरान अतिशेष शिक्षकों का समायोजन नहीं होने से शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई। विभाग को तबादला प्रक्रिया शुरू करने से पहले शहरी क्षेत्रों अतिशेष शिक्षकों का समायोजन करना होगा।

शिक्षकों की ट्रांसफर पॉलिसी बना रहे हैं: कमिश्नर DPI

जयश्री कियावत, आयुक्त, डीपीआई का कहना है कि हर साल स्थानांतरण नीति बनती है। विभाग द्वारा नीति तैयार की जा रही है। प्रारूप तैयार होने पर शासन के पास अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।

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