PM मोदी के नेतृत्व में एक वर्ष ऐतिहासिक फैसलों के साथ जनता की सेवा, देश के विकास के नाम रहा- संजय सत्येंद्र पाठक

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कटनी। अपने दूसरे कार्यकाल के एक वर्ष पूर्ण करने पर आज भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री एवं विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बीते एक वर्ष इतिहास के स्वर्णिम अध्याय हैं।

इन एक वर्ष में ट्रिपल तलाक, धारा 370 सीएए, तथा करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े भगवान श्री राम के मंदिर निर्माण में माननीय कोर्ट के फैसले के बाद त्वरित निर्णय लेने, हाल ही में कोरोना महामारी का डट कर मुकाबला करते पूरे विश्व की प्रशंसा पाने के लिए हमेशा देश के 135 करोड़ नागरिकों को गौरवांवित करते रहेंगे।

उन्होंने पीएम मोदी को देवदूत की संज्ञा देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश फिर से विश्वगुरु बनेगा।

पत्रकार वार्ता में जिलाध्यक्ष रामरतन पायल मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष रामचंद्र तिवारी, चमनलाल आनंद, पीताम्बर टोपनानी,  महामंत्री हरिशंकर गर्ग, युवा मोर्चा अध्यक्ष मृदुल द्विवेदी, अभिषेक शर्मा, मनीष दुबे, मंयक गुप्ता, आशीष मिश्रा, विष्णु शंकर मिश्रा, महेश शुक्ला, रविन्द्र मिश्रा, घनश्याम चावला, राहुल गुप्ता, विवेक गुप्ता, मीडिया प्रभारी आशुतोष शुक्ला, सचिन तिवारी, आदि उपस्थित थे।

पूर्व मंत्री श्री पाठक ने कहा कि 370 के कलंक से मुक्ति जम्मू-कश्मीर में विभाजन और  आतंकवाद की मानसिकता को प्रश्रय देने वाली अनुच्छेद-370 और 35ए के खिलाफ हमारा विचार परिवार लगातार संघर्ष कर रहा था। हम रोज ध्येय मंत्र की तरह नारा लगाते थे कि एक देश में दो निशान, दो प्रधान और दो विधान नहीं चलेंगे।
इसके लिए हमारे अराध्य डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने अपना बलिदान दिया। इस बलिदान ने हमें एक संकल्प दिलाया कि जहां हुए बलिदान मुखर्जी वह कश्मीर हमारा है। जो कश्मीर हमारा है वो सारा का सारा है।
इसी संकल्प के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गृहमंत्री  अमित शाह जी ने जिस दृड़ता और राष्ट्रभक्ति के साथ 370 और 35 ए से कश्मीर को मुक्ति दिलाई उसे सोचकर ही हमारा सीना गर्व से चैड़ा हो जाता है। दुर्भाग्य से देश की तमाम राजनीतिक पार्टियां कश्मीर में हिंदुओं और सिखों का कत्लेआम, उनकी बहू-बेटियों से बलात्कार और उनकी संपत्तियों को कब्जाने और जलाने का कोहराम चुपचाप देखती रहीं। उन्होंने इन अमानवीय कृत्यों को अपना वोटबैंक खिसक जाने के डर से कभी विरोध नहीं किया। अनुच्छेद-370 के कारण कुछ ऐसे प्रावधान जम्मू-कश्मीर में लागू थे जिनके कारण हमारे दलित समाज के भाई-बहनों को एकओर जहां आरक्षण के लाभ से वंचित रहना पड़ा, वहीं दूसरी ओर उन्हें सामान्य नागरिक अधिकार भी उपलब्ध नहीं थे। उन्हें केवल सफाई कमर्चारी की हेसियत से ही देखा जाता था। लेकिन अनुच्छेद-370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर न सिर्फ देश की मुख्यधारा से जुड़ा है बल्कि वहां से मार काटकर भैगाए गए हिन्दुओं और सिखों के जीवन में अपनी मातृभूमि पर पुनः बसने और अपनी संपत्तियां पुनः प्राप्त करने की लालसा जागी है। आरक्षण सहित वे सभी कानून जम्मू-कश्मीर में लागू हो गए हैं जो शेष भारत में लागू रहते हैं। जब नेतृत्व, ध्येयपथ पर अडिग होता है तब वह किसी संकट काल में भी अपनी ध्येय से विचलित नहीं होता। इसका ताजा उदाहरण है कि कोरोना महामारी के मोदी जी की सरकार की आंखों से कश्मीर के पीड़ितों की पीड़ा ओझल नहीं हुई। सरकार ने लगभग 5 लाख हिन्दू और सिख परिवारों को कश्मीर घाटी में पुनः बसाने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है।

आत्मनिर्भर भारत अभियान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले – संदीप जायसवाल

मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने इस कोरोना संकट काल में जिस आत्मनिर्भर भारत बनाने के अभियान की बात कही है उसे लेकर हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष  जगत प्रकाश नड्डा के नेतृत्व में भाजपा देश में सभी जगह कार्यक्रम करेगी । जिसमें वर्चुअल रैली, वर्चुअल कॉन्फ्रेंस, विडियों कान्फ्रेंस के माध्यम से लोगों के बीच प्रधानमंत्री जी की बात पहुंचाने एवं किस तरह आत्मनिर्भर भारत में हमारा योगदान हो इस पर चर्चा की जायेगी।
इसी तारतम्य में मध्यप्रदेश भाजपा द्वारा आगामी 10 जून को केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी लगभग 50 हजार लोगों से जुड़कर वर्चुअल रैली को संबोधित करेंगें। साथ ही सभी संभागों में वर्चुअल रैली तथा सभी मोर्चों द्वारा वर्चुअल कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर युवाओं, महिलाओं, अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग के लोगों के साथ जुड़कर वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस अभियान में जोड़ा जायेगा।
भाजपा आगामी 10 जून से ही प्रदेश के सभी बूथों में हमारे कार्यकर्ता दो दो की टोली बनाकर घर घर संपर्क करेंगें जिसमें प्रधानमंत्री जी का जनता के नाम पत्र, मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की उपलब्धियां तथा प्रदेश सरकार की योजनाओं के पत्रक के साथ संकल्प पत्र जिसमें स्वदेशी एवं स्थानीय उत्पादों के उपयोग कहा आह्वान होगा उसे घर घर पहुंचायेंगें।

किसानों एवं छोटे व्यापारियों के हितो की रक्षा हुयी – रामरतन पायल

इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष रामरतन पायल ने कहा कि वैश्विक मंच पर मोदी सरकार ने चीन के नेतृत्व् वाले आरसीईपी का विरोध किया, जिससे देश के किसानों, छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा हुई। देश की रक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा सेना के तीनों अंगों में बेहतर तालमेल के लिए मोदी सरकार ने चीफ ऑफ डिफेंस का पद बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया।
मोदी सरकार ने एक देश-एक राशनकॉर्ड योजना शुरू की, ताकि देश का कोई भी गरीब व्यक्ति सब्सिडी आधारित खाद्य पदार्थों से वंचित न रहे। इस योजना के तहत अगस्त, 2020 तक 23 राज्यों के 67 करोड़ लाभार्थियों को कवर करने का लक्ष्य है।
बाल यौन शोषण को लेकर कड़ा कानून बनाना तथा दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नया सड़क सुरक्षा कानून मोदी सरकार की ऐसी उपलब्धियां हैं, जिनसे समाज को नई दिशा मिलेगी। सरकार ने अटकी आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 25 हजार करोड़ का वैकल्पिक निवेश कोष बनाने को मंजूरी दी है। इससे 1600 आवासीय परियोजनाओं को लाभ होगा।

मुस्लिम महिलाओं को मिली शोषण से मुक्ति

इस एक वर्ष को मुस्लिम समाज की बहनों के सम्मान की स्थापना और अत्याचार से मुक्ति के रूप में भी देखा जाएगा। जिस देश में 1985 में शाहबानों को वोट के लालच में भारत की सरकार ने तड़पने के लिए छोड़ दिया था, उसी देश में 2019 में एक दूसरी सरकार ने शायराबानो की पहल पर करोड़ो-करोड़ मुस्लिम बेटियों और बहनों को तीन तलाक के अभिशाप से मुक्ति दिला दी। 31 जुलाई 2019 का दिन मुस्लिम समाज में महिलाओं के सम्मान और बेहतरी की दिशा में स्वर्ण अक्षरों से लिखा जाएगा। अब कोई भी व्यक्ति किसी बहन-बेटी को तीन बार तलाक बोलकर उसकी जिंदगी बर्बाद नहीं कर सकेगा। दुनिया के कई मुस्लिम देश दशकों पहले तीन तलाक प्रथा को अन्यायपूर्ण मानते हुए इस पर रोक लगा चुके हैं। लेकिन एक धर्मनिरपेक्ष देश होते हुए भी भारत की सरकारों ने सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के चलते इसे देश में चलने दिया। मुस्लिमों के तुष्टिकरण के लिए कांग्रेस पार्टी किस हद तक जा सकती है, इसका उदाहरण शाह बानो प्रकरण में तत्कालीन राजीव गांधी सरकार ने प्रस्तुत किया था, जिसने जानबूझकर मुस्लिम महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित कर दिया था। प्रधानमंत्री  मोदी की सरकार अपने पहले कार्यकाल में इसके लिए अध्यादेश लाई थी और दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही 31 जुलाई, 2019 को कानून बना दिया।

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