धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के दो साल पूरे, क्लैट का सेंटर 2019 में बना था पहली दफा

जबलपुर। धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के दो साल पूरे हो रहे हैं। शहर को यूनिवर्सिटी के माध्यम से कई उपलब्धि मिलीं। कुलपति प्रो.बलराज चौहान ने भी दो साल का कार्यकाल पूरा किया है।

श्री चौहान यूनिवर्सिटी की स्थापना के पहले कुलपति हैं। इस बीच उन्होंने पहली बार कॉमल लॉ इंट्रेस टेस्ट (क्लैट) का आयोजन करवाया। इससे पहले विंध्य और महाकोशल अंचल के विद्यार्थियों को ये परीक्षा देने भोपाल जाना पड़ता था।

प्रो.बलराज चौहान ने जबलपुर में क्लैट का सेंटर 2019 में पहली दफा बनवाया। इसके बाद 2020 की क्लैट परीक्षा के खुद समन्वयक बनकर संस्थान को देशभर के नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में गौरवान्वित किया। देश के 23 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की कंर्सोटियम ने उन्हें समन्वयक बनाया। फिलहाल यूनिवर्सिटी किराये के भवन डॉ.भीमराव अंबेडकर दूरभाष तकनीकी संस्थान में संचालित हो रही है। यूनिवर्सिटी की स्थापना के वक्त 30 जून 2018 में ही करीब 125 एकड़ जमीन पिपरिया खमरिया में चि-ति हो चुकी है। अभी संस्थान में बीएएलएलबी, एलएलएम के पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। परीक्षा समन्वयक दिनेश मिश्रा ने बताया कि जल्द ही पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया भी प्रारंभ होगी।

बस नये भवन के लिए फंड का इंतजार
धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी को दो साल बाद भी भवन के लिए फंड नहीं मिल पाया है। यूनिवर्सिटी किराये के भवन में संचालित हो रही है। जिस वजह से सालाना 7 करोड़ से ज्यादा किराये पर खर्च करना पढ़ रहा है। जबकि यूनिवर्सिटी के भवन निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को सालभर पहले ही भेजा जा चुका है लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिल पाई है।

इस वजह से अभी शुरुआती काम भी प्रारंभ नहीं हो सकता है, यूनिवर्सिटी को इमारत बनाने में अभी तीन साल का वक्त लगेगा। शुरुआत में उम्मीद जाहिर की गई थी कि निर्माण की मंजूरी मिलते ही 2021 तक यूनिवर्सिटी पिपरिया में शिफ्ट हो जाएगी। राशि का आवंटन शासन स्तर पर नहीं होने के कारण अब वक्त और अधिक लगने की उम्मीद जाहिर की जा रही है। फिलहाल कोरोना के चलते यूनिवर्सिटी के लिए बजट आवंटित होने की संभावना कम नजर आ रही है।