लॉकडाउन 4: गर्भवती महिलाओं व दिव्यांगों को दफ्तर नहीं आने की छूट दें

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नई दिल्ली। CoronaVirus Lockdown:कोरोना वायरस संक्रमण के कारण पूरे देश में लॉकडाउन 4 लागू हो चुका है। लॉकडाउन की ये अवधि 31 मई 2020 तक चलेगी। हालांकि लॉकडाउन 4 op पूर्व में लागू हुए लॉकडाउन से काफी अलग है और केंद्र व राज्य सरकारों ने कई सेक्टर में छूट दी है। इधर अब केंद्र सरकार ने सभी विभागों को गर्भवती महिलाओं, दिव्यांगों और बीमारी से जूझ रहे लोगों को दफ्तर आने से छूट देने को कहा है। यह जानकारी मंगलवार को केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने दी।

लॉकडाउन 4 में 50 फीसद कर्मचारियों के साथ दफ्तर खोलने की अनुमति मिलने के अगले दिन केंद्र ने यह निर्देश जारी किया है। बता दें कि इससे पहले सभी सरकारी और प्रायवेट कार्यालय बंद ही थे, लेकिन पहले सरकार ने 33 फीसदी स्टाफ और फिर 50 फीसदी स्टाफ के साथ दफ्तर शुरू करने की अनुमति दी है।

पर इस बीच केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने बताया कि यह तय किया गया है कि ऐसे सरकारी कर्मचारी जिनका पहले से गंभीर बीमारियों का इलाज चल रहा था, उन्हें जहां तक संभव हो रोस्टर ड्यूटी से छूट दी जाए। इसी तरह दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं को भी रोस्टर प्रणाली से छूट दी जाए। दरअसल डॉक्टरों की सलाह पर ये सलाह दी जा रही है। गंभीर बीमारियों से ग्रस्त, दिव्यांग, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है, ऐसे में उन्हें फिलहाल बाहर नहीं निकलना चाहिए।

 

मंत्रालय ने सोमवार को डिप्टी सेक्रेटरी के स्तर से नीचे अपने 50 प्रतिशत जूनियर कर्मचारियों को कार्यालय में काम करने के लिए कहा था। गौरतलब है कि देश में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। संक्रमितों का आंकड़ा एक लाख को पार कर गया है, साथ ही मौत का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। लेकिन लॉकडाउन के कारण सारी गतिविधियां बंद होने से आर्थिक व्यवस्था डगमगा रही है, ऐसे में सरकार धीरे-धीरे छूट दे रही है।

 

 

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