बुद्ध पूर्णिमा पर दिखेगा 2020 का आखिरी सुपर मून, जानें कब होगा अद्भुत नजारे का दीदार

भोपाल. कोरोना वायरस (Coronavirus) के दौरान जब लोग घरों में हैं तो दूसरी तरफ आकाश में खगोलीय घटनाएं देखने को मिल रही है. आज आसमान में साल का आखिरी सुपर मून (Super Moon 2020) दिखाई देगा. बुद्ध पूर्णिमा के दिन साल 2020 के आखिरी सुपर मून का आज दीदार होने वाला है. वैसाख माह की बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Poornima 2020) का चांद बेहद खास होता है. विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि पश्चिमी देशों में इस समय खिलने वाले फूलों के कारण ही इसे सुपर फ्लावर मून, कॉर्नप्लांटिंग मून या फिर मिल्कमून भी कहा जाता है. यह पृथ्वी से 361184 किलोमीटर दूर स्थित होता है. हजारों किलोमीटर दूर स्थित रहकर चांद आज आम पूर्णिमा की तुलना में 14 फ़ीसदी बड़ा और 30 फीसदी ज्यादा चमकदार दिखाई देगा.

अगला सुपर मून दिखेगा 27 अप्रैल 2021 में

विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि सुपर मून शाम 6:52 पर भी आकाश में दिखाई देगा. तो वहीं दूसरे दिन सुबह 5:36 पर सुपर मून अस्त होगा. वातावरण की घनी परत में से इसका प्रकाश आने से चांद का रंग हल्का तामिया सा भी दिखाई देगा. जैसे-जैसे सुपर मून ऊपर आता जाएगा इसकी चमक बढ़ती जाएगी. बहुत ज्यादा रोशनी बढ़ने के कारण भी इसका नाम सुपर मून रखा गया है. इसे देखने के लिए टेलिस्कोप की जरूरत नहीं होगी. यह साल का आखिरी सुपर मून है. अगला सुपर मून 27 अप्रैल 2021 को दिखाई देगा. तो आज साल के आखिरी सबसे चमकते चांद का दुर्लभ नज़ारा आसमान में दिखाई देगा.

क्या है सूपर मून

विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा अंडाकार पथ पर करता है जिसमें उसकी पृथ्वी से अधिकतम दूरी 406, 692 किलोमीटर होती है. इसे अपोजी भी कहते हैं और न्यूनतम दूरी 356,500 किलोमीटर होती है, जिसे पेरेजी भी कहते हैं. जब 361,885 किलोमीटर से कम दूरी पर रहते हुए पूर्णिमा आती है तो इसे सुपर मून कहा जाता है. यह बड़ा और चमकदार दिखाई देता है.

30 अप्रैल से एक हफ्ते तक आसमान में दिखा था कालपुरुष तारामंडल

सुपर मून के दिखाई देने से पहले आसमान में एक और दुर्लभ खगोलीय घटना हुई थी. 30 अप्रैल से लगातार एक हफ्ते तक आकाश में दुर्लभ कालपुरुष तारामंडल (Orion) का अद्भुत नजारा लोगों ने देखा था. कालपुरुष तारामंडल की खासियत यह थी कि यह मनुष्य की आकृति में नजर आया था, जिसमें एक मनुष्य शिकारी की तरह एक हाथ में तलवार लिए हुए और दूसरे हाथ में शेर की खाल लिए आकृति दिखाई दी थी. पूरे एक हफ्ते के बाद अब यह कालपुरुष तारामंडल दिसंबर के महीने में टिमटिमाते हुए नज़र आएंगा.