लोन पर EMI की छूट को और तीन महीनों के लिए बढ़ा सकता है RBI, कर रहा विचार

नई दिल्ली लॉकडाउन बढ़ने के बाद अब भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) लोन पर मोरे​टोरियम की अवधि (Moratorium Period) को तीन महीने के लिए बढ़ाने पर विचार कर रहा है. कोविड-19 की वजह से आम लोगों और इंडस्ट्रीज पर पड़ने वाले असर को देखते हुए RBI इस फैसले पर विचार कर रहा है. इस बारे में RBI को इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) समेत कई पक्षों से सुझाव आए थे. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है.

27 मार्च को आरबीआई ने किया था ऐलान
​शनिवार को केंद्र सरकार ने दो सप्ताह के लिए लॉकडाउन को बढ़ाने का फैसला लिया था. सूत्रों ने बताया कि कई ईकाईयों और व्यक्तियों को 31 मई तक अपने लोन सर्विस कर पाने में परेशानी होगी. RBI ने मार्च में ही तीन महीने के लिए लोन EMI न देने की छूट दी थी, जोकि 31 मई को खत्म हो जाएगा. RBI ने 27 मार्च को इसका ऐलान किया था.

कर्ज लेने वालों को मिल सकती है राहत

एक सरकारी बैंक के अधिकारी ने बताया कि अगर RBI अगले 3 महीने के लिए मोरेटोरियम पीरियड को बढ़ा देता है तो यह कई लोगों के लिए राहत लेकर आएगा. इससे मौजूद संकट की स्थिति में बैंकों से लेकर लेनदारों तक को राहत मिल सकेगी.

1 मार्च से प्रभावी 3 महीनों के लिए मोरेटोरियम
RBI ने कहा था, ‘सभी कॉमर्शियल बैंक (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक और लोकल एरिया बैंक समेत), सहकारी बैंकों, सभी वित्तीय संस्थानों, गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के लेनदारों को तीन महीने तक लोन की EMI नहीं जमा करने की छूट दी जाएगी. यह 1 मार्च 2020 से प्रभावी होगा. ‘

RBI ने कहा था कि इन तीन महीने को लोन की पूरी अवधि में एडजस्ट किया जाएगा. RBI द्वारा इस कदम के बाद ग्राहकों को बैंक अकाउंट से तीने महीने के लिए EMI की कटौती नहीं की जा रही है. 3 महीने की इस अवधि के समाप्त होने के बाद लेनदारों को EMI फिर से शुरू हो जाएगी.

बता दें कि शनिवार को RBI गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर बैंकों के प्रमुखों से बात की है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दो हिस्सों में हुए इस बैठक में उन्होंने लोन मोरेटोरियम को लेकर भी चर्चा की.