दसवीं के छात्रों को मिलेगी पांच अंकों के योग वाली अंकसूची

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भोपाल। मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल हाई स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को इस बार नए प्रारूप वाली अंकसूची देगा। मंडल ने इसके लिए तैयारी पूरी कर ली है। दसवीं की वार्षिक परीक्षा मार्च में होगी। हाई स्कूल की परीक्षा होने के बाद परिणाम घोषित होने पर जो अंकसूची दी जाएगी वह नए प्रारूप में होगी। इसमें सर्वाधिक अंक प्राप्त होने वाले पांच विषयों के अंक ही महायोग में जोड़े जाएंगे।

छह में से पांच विषय के अंक जुड़ेंगे

नए प्रारूप वाली अंकसूची के में छह में से केवल पांच विषयों के अंक ही महायोग में जोड़े जाएंगे। बेस्ट ऑफ फाइव पद्धति के तहत ऐसा किया जाएगा। हाई स्कूल में छह विषय हिंदी, इंग्लिश, गणित, विज्ञान, गणित और सामाजिक अध्ययन होते हैं। इन विषयों में छात्र के जिन पांच विषयों में सर्वाधिक अंक आएंगे केवल उन्हें ही जोड़ा जाएगा। जिस एक विषय में सबसे कम आएंगे उसे महायोग में नहीं जोड़ा जाएगा। सबसे कम अंक वाले विषय के अंक अलग से दिए जाएंगे।

एक विषय में फेल भी तो भी पास

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाई स्कूल में छह विषयों में से अगर छात्र किसी एक विषय में फेल भी हो जाता है और शेष पांच में पास होता है तो उसे पास माना जाएगा। इसकी मुख्य वजह है कि बेस्ट ऑफ फाइव पद्धति में केवल पांच सबसे ज्यादा अंक वाले विषय के अंक ही जुड़ेंगे।

उस विषय को छोड़ दिया जाएगा जिसमें छात्र फेल हुआ है या उसके कम अंक आए हैं। लेकिन अगर वह दो विषयों में फेल होता है तो उसे दो विषयों में ही पूरक की पात्रता भी होगी। कुल मिलाकर हाई स्कूल का परीक्षा परिणाम बढ़ाने के लिए यह कवायद की जा रही है। गौरतलब है कि पिछले पांच सालों से दसवीं का परीक्षा परिणाम करीब 55 प्रतिशत के आसपास बना हुआ है।

अंकसूची का खाका तैयार

मंडल के अधिकारियों के मुताबिक हाई स्कूल के छात्रों को दी जाने वाली नई अंकसूची का फार्मेट तैयार हो गया है। इसमें सुरक्षा के फीचर भी बढ़ाए गए हैं। पहली बार छात्रों को पांच विषयों के महायोग वाली अंकसूची दी जाएगी।

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