वंदे मातरम गाने वाले मुस्लिम को मौलाना ने कहा- ज्यादा अंग्रेज मत बनो, मैं नहीं गाऊंगा

वंदे मातरम गाने पर अभी भी देश में तनातनी बनी हुई है। मुसलमानों के बीच ही इस मुद्दे पर दो राय है। एक धड़ा को वंदे मातरम गाने पर ऐतराज है तो दूसरे धड़े को इससे कोई ऐतराज नहीं है। खासकर मौलानाओं को वंदे मातरम गाने पर ज्यादा ऐतराज है। इंडिया टुडे के डिबेट में मौलाना और एक मुसिल्म शख्स वंदे मातरम गाने को लेकर ही आपस में भिड़ गए। मौलाना अंसार रजा ने जहां साफ तौर पर कहा कि वो वंदे मातरम नहीं गाएंगे, वहीं शो में शामिल दूसरे मुस्लिम गुलचरण अंसारी ने वंदे मातरम गाने पर सहमति जताई। अंसारी को मौलवी ने यह कहते हुए झिड़कने की कोशिश की कि वो दिखावा कर रहा है लेकिन गुलचमन अंसारी मौलाना पर नाराज हो गए।

डिबेट के बीच मौलाना अंसार रजा ने साफ तौर पर कहा कि चाहे मोदी का शासन हो या योगी का राज, वो वंदे मातरम नहीं गाएंगे। लगे हाथ उन्होंने गुलचमन अंसारी को कहा कि ज्यादा अंग्रेम मत बनो। दरअसल, गुलचमन अंसारी की बेटी ने स्कूल में वंदे मातरम गाया था, जिसका मुस्लिम समाज ने विरोध किया था। इसके विरोध में गुलचमन अंसारी अपनी बेटी को तिरंगेनुमा ड्रेस में चैनल के स्टूडियो में लेकर आए थे। उन्होंने कहा कि वो देश से प्रेम करते हैं और देश की हर चीज यानी राष्ट्रीय तिरंगा, राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान से भी प्रेम करते हैं और उन्हें इसे गाने में कोई गुरेज नहीं है।