15 मई तक बंद रह सकते हैं स्कूल-कॉलेज

नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी और देशव्यापी लॉकडाउन के बीच शिक्षआ जगत के लिए बड़ी खबर है कि लॉकडाउन हो या ना हो देशभर के स्कूल-कॉलेज, शिक्षण संस्थाएं 15 मई 2020 तक के लिए बंद हो सकते हैं। बता दें कि कोविड 19 पर हुई बैठक में मंत्रियों के समूह (GoM) ने ये सिफारिश की है। हालांकि अब अंतिम फैसला केंद्र सरकार को करना है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ग्रुप ऑफ मिनिस्टर (GoM) ने सिफारिश की है कि स्कूलों और कॉलेजों का बंद 15 मई तक बढ़ा दिया जाए। इसके बाद गर्मियों की छुट्टियों शुरू हो जाएंगी। एक तरह से गर्मियों की छुट्टियों को मिलाकर स्कूल-कॉलेज जून के अंत तक बंद रह सकते हैं। केंद्र सरकार इस सिफारिश पर गंभीरता से विचार कर रही है। इसके अलावा GoM ने लोगों की सहभागिता वाली सभी तरह की धार्मिक गतिविधियों पर भी 15 मई तक रोक लगाने की सिफारिश की है। कुल मिलाकर GoM की इन सिफारिशों का मतलब है कि लॉकडाउन 14 अप्रैल 2020 के बाद लागू रहे या ना रहे स्कूल-कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान और भीड़-भाड़ वाली धार्मिक गतिविधियों वाली जगहें लॉकडाउन की स्थिति की तरह ही बंद रहेंगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाले GoM ने पोस्ट लॉकडाउन की स्थिति को लेकर विचार किया। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित अन्य मंत्रीगण शामिल हुए। वर्तमान में जिस तरह कोरोना का प्रकोप पूरे देश में लगतार बढ़ रहा है, उसे देखते हुए यह तय किया गया है कि स्कूल-कॉलेज, धार्मिक केंद्र, शॉपिंग मॉल सहित भीड़ और सोशल गेदरिंग वाले स्थानों को 14 अप्रैल 2020 के बाद भी शुरू नहीं किया जा सकेगा। इन सभी जगहों को सामान्य गतिविधियां शुरू करने की अनुमति अभी कम से कम 4 सप्ताह यानि एक महीने तक नहीं दी जा सकती है। ऐसे में ये सारी जगह कम से कम 15 मई से पहले खुलना संभव नहीं है। पाबंदी में धार्मिक आयोजन को इसलिए शामिल किया गया क्योंकि पिछले महीने निजामुद्दीन मरकज में तब्लीगी जमात के सम्मेलन में देश-विदेश के काफी लोग शामिल हुए थे और इनमें से कई कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए।