Corona इफ़ेक्ट में Barber, इनकी बढ़ी डिमांड, नहीं कट रहे बाल

जबलपुर, (यशभारत)। लॉकडाउन के चलते जिले भर के सैलून बंद हैं। जिससे लोगों को दाढ़ी बनवाने के लिए खासी परेशानी हो रही है। दुकानों पर लटके ताले लोगों की परेशानी बढ़ा हरे हैं। दूसरी ओर इस कारोबार से जुड़े हजारों परिवार परेशान हैं। इनका कहना है कि जो जमा पूंजी थी वह भी खत्म हो रही है। कोरोना वायरस के कारण मजबूर हैं। हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए हैं। सबसे ज्यादा वो परेशान हैं जो हेयर सैलून में काम करके अपने परिवार का गुजारा करते हैं। इन काम करने वालों को रोज के हिसाब से रुपया मिलता है। रोज कमाने रोज खाने वाले इन लोगों के सामने खाने -पीने के सामान की कमी दिखने लगी है।

युवा वर्ग परेशान
लॉकडाउन के कारण वे हेयर स्टाइल और बालों को नई लुक नहीं दे पा रहे हैं। इससे पहले शहर से लेकर गांव के युवाओं में अलग-अलग अंदाज से हेयर कटिंग करवाने का क्रेज था। वहीं, बालों में कलर करवाने का भी फैशन देखने को मिलता था, लेकिन इन दिनों सैलून न खुलने के कारण युवाओं में बढ़ रही हेयर स्टाइल बदलने की रफ्तार रुक गई है। हालांकि, फैशन के इस दौर में आए दिन कोई न कोई न्यू हेयर स्टाइल कटिंग युवाओं के सिर पर देखी जा सकती है। युवा विभिन्न अभिनेताओं, खिलाडिय़ों के हेयर स्टाइल को भी फॉलो करते हैं। ऐसे में लॉक डाउन के चलते युवा फैशन के अनुसार कटिंग नहीं करवा पा रहे हैं। हेयर कटिंग में वन साइड कटिंग, टू साइड कटिंग, फौजी कटिंग, मशरूम कटिंग, ब्रज कटिंग आदि न्यू स्टाइल में शामिल हैं।

निकाला तरीका
वैसे तो बाल कटाए बिना भी लम्बे समय तक आराम से रहा जा सकता है लेकिन जिन्हें हर 10-12 दिन पर बाल कटाने की आदत है। लॉकडाउन में उन्होंने घर पर ही इसका तरीका खोज निकाला है। किसी ने सेविंग किट, किसी ने कपड़ा काटने वाली कैंची तो किसी ने जवान होते बेटे की मूंछ-दाढ़ी सेट करने वाली मशीन का सहारा लिया है। लॉकडाउन के दौरान इन हथियारों से घर की चहारदीवारी के अंदर एक नए हुनर में हाथ आजमाने की जंग लड़ी जा रही है।
घर -घर भी पहुंच रहे
कई कारीगरों ने एक नया रास्ता निकाल लिया जिसके तहत वे लोगों से संपर्क कर उनके घरों में ही जाकर सेवाएं देने लगे हैं। लोगों कहना है कि वे अच्छा ही कर रहे हैं। इससे फिलहाल उनकी बेरोजगारी भी दूर हो गई है और हम लोगों को भी राहत मिल गई हैं।  महाराजपुर बावली मेंं सेलून की दुकान चलाने वाले विष्णु प्रसाद सेन का कहना है कि हमारे पास इसके अलावा कोई दूसरा साधन नहीं है। प्रशासन से अनुरोध है कि हम लोगों को दो घंटे सुबह और दो घंटे शाम को दुकान खोलने की मोहलत दी जाए।