मंत्रिमंडल : एक अनार सौ बीमार, क्या करें शिवराज

भोपाल । प्रदेश में भले ही भाजपा सरकार बन चुकी है, लेकिन अब भी उसकी मुसीबत कम नहीं हुई है। अब शिवराज सरकार के सामने सबसे बड़ी और पहली चुनौती मंत्रिमंडल के गठन को लेकर है। मंत्रिमंडल मे किसे शामिल किया जाए और किसे नहीं यही सबसे बड़ी मुश्किल है। इस बार पदले हुए समीकरण में भाजपा के खाते में एक दर्जन मंत्री पद कम होना तय है, ऐसे में महज बीस पद ही रह जाते हैं, जबकि दावेदारों की संख्या आधा सैकड़ा से अधिक है। यही नहीं इसमें क्षेत्रीय, जातीय और वरिष्ठता में भी संतुलन बैठाने की भारी समस्या है। माना जा रहा है कि नई सरकार में सिंधिया समर्थक आठ मंत्री और अन्य दलों के कम से कम चार मंत्री बनाए जाने की संभावना है। इसके चलते सरकार में ग्वालियर और चंबल संभाग का पूरी तरह से दबदबा होना तय है। बुंदेलखंड अंचल से भी सरकार में चार मंत्री बनना तय है। ऐसे में विन्ध्य, महाकौशल और मालवा क्षेत्र का प्रभाव कम होना तय माना जा रहा है।
बुंदेलखंड से इनकी दावेदारी
सिंधिया समर्थकों में बुंदेलखंड से गोविन्द सिंह राजपूत, भाजपा के खाते से गोपाल भार्गव और भूपेन्द्र सिंह ठाकुर का मंत्री बनना तय है, जबकि हरिशंकर खटीक और बृजेन्द्र प्रताप सिंह भी प्रमुख दावेदार हैं। इनके अलावा बसपा विधायक राम बाई का नाम भी इनमें शामिल है। कहा जा रहा है कि इनमें से श्री भार्गव को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
विन्ध्य क्षेत्र में दावेदारों की भीड़
विन्ध्य क्षेत्र के 30 में से भाजपा के 24 विधायक हैं। यहां से विसाहूलाल सिंह व राजेन्द्र शुक्ला का मंत्री बनना तय है, जबकि अन्य दावेदारों में नागेन्द्र सिंह, गिरीश गौतम, केदारनाथ शुक्ल, जय सिंह मरावी, मीना सिंह और नारायण त्रिपाठी दावेदार हैं। यहां से तीन विधायकों को शामिल करने की संभावना बनी हुई है।
महाकौशल में इन्हें मिलेगा मौका
इस अंचल से भाजपा की ओर से संजय पाठक, गौरीशंकर बिसेन का मंत्री बनना तय है , जबकि इस दौड़ में अजय विश्नोई, जालम सिंह पटेल के अलावा निर्दलीय प्रदीप जायसवाल भी दावेदार बने हुए हैं। इनमें सभी पूर्व में मंत्री रह चुके हैं।
मध्यभारत में भीड़
यहां से सिंधिया समर्थक डॉ. प्रभुराम चौधरी का मंत्री बनना तय है, जबकि भाजपा खेमे से डॉ. सीतासरन शर्मा, रामपाल सिंह, विश्वास सारंग, कमल पटेल, सुरेन्द्र पटवा, करण सिंह वर्मा और रामपाल सिंह की मजबूत दावेदारी है।
मालवा क्षेत्र बनेगा मुसीबत
इस क्षेत्र से सिंधिया समर्थक तुलसी राम सिलावट को उप मुख्यमंत्री बनाया जाना तय है , तो वहीं राजवद्र्धन सिंह दत्तीगांव व हरदीप सिंह डंग का भी मंत्री बनना तय माना जा रहा है। उधर भाजपा खेमे से विजय शाह, पारस जैन को भी मौका मिलना तय माना जा रहा है। इनके अलावा नीना वर्मा, रमेश मेंदोला, मालिनी गौड़, ऊषा ठाकुर, और चेतन्य कश्यप की भी दावेदारी बनी हुई है। ऐसे में इस इलाके से चयन पार्टी के लिए मुश्किल बनना तय है।