MP : अब नहीं आएगा लेखानुदान, अध्यादेश के जरिए वित्तीय इंतजाम करेगी सरकार

Advertisements

Vote on account भोपाल । Madhya Pradesh Government कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए अब विधानसभा के बजट सत्र का सत्रावसान किया जाएगा। एक अप्रैल से जरूरी खर्चों के लिए अध्यादेश लाया जाएगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को देर शाम जारी किया। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में आगामी 21 दिनों तक पूर्णरूप से लॉकडाउन रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब विधानसभा की बैठक बुलाने की स्थिति नहीं है। ऐसी सूरत में सरकार को जरूरी खर्च के लिए जो बजट चाहिए, उसके लिए लेखानुदान का अध्यादेश लाकर चार माह के लिए खर्च का इंतजाम किया जाएगा। सत्रावसान के लिए उन्होंने विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह से भी बात की। वित्त विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लेखानुदान आमतौर पर मौजूदा बजट का चालीस फीसदी होता है।

इसे भी पढ़ें-  योगी बैठ्या है, बक्कल तार दिया करे, किसान आंदोलन पर यूपी बीजेपी के ट्वीट से बवाल

इस हिसाब से यह 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है। इसमें अप्रैल में कर्मचारियों को दिए जाने वाले वेतन और पेंशनर्स की पेंशन के लिए राशि का इंतजाम प्राथमिकता से किया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न् वित्तीय संस्थानों से लिए कर्ज और ब्याज अदायगी के लिए राशि का प्रावधान किया जाएगा। इसके साथ ही सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की गति न रुके, इसके लिए भी विभागों को राशि दी जाएगी।

Vote on account

जगदीश देवड़ा को बनाया प्रोटेम स्पीकर

उधर, राज्यपाल लालजी टंडन ने मंगलवार को वरिष्ठ विधायक जगदीश देवड़ा को विधानसभा का प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया है। देवड़ा सभापति तालिका में सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं। विधानसभा का नया अध्यक्ष चुने जाने तक देवड़ा ही सामान्य कामकाज का संचालन करेंगे। उल्लेखनीय है कि विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने अपना इस्तीफा दे दिया है।

इसे भी पढ़ें-  केन्द्र सरकार का अहम फैसला, मेडिकल एजुकेशन में OBC को 27% और EWS को 10% आरक्षण

Vote on account

देवड़ा और डॉ. शर्मा स्पीकर की दौड़ में

उधर, विधानसभा के नए अध्यक्ष के लिए भाजपा में जोड़-तोड़ शुरू हो गई है। विधानसभा में दलीय स्थिति को देखकर यह माना जा रहा है कि अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होगा। ऐसे में भाजपा किसी एक विधायक को उम्मीदवार बनाएगी जो वरिष्ठ होने के साथ सियासी समीकरण साध सकें। इसके लिए सभापति तालिका के वरिष्ठ सदस्य जगदीश देवड़ा और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं।

Advertisements