MP Politics नहीं बदलेगा मध्यप्रदेश से भाजपा का गणित

Advertisements

भोपाल। सियासी उठापटक के बीच 26 मार्च को राज्यसभा की तीन सीटों के लिए मतदान होगा। मौजूदा समीकरणों को देखते हुए माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश से भाजपा का गणित नहीं बदलेगा। पार्टी को फिर दो सीटें मिलेंगी। वहीं, कांग्रेस को एक सीट से ही संतोष करना पड़ सकता है। दरअसल, कांग्रेस का गणित विधायकों की बगावत के कारण गड़बड़ा गया है। नौ अप्रैल को राज्यसभा की तीन सीटें (दिग्विजय सिंह, प्रभात झा और सत्यनारायण जटिया) कार्यकाल समाप्त होने की वजह से रिक्त हो रही हैं। इनमें दो सीटें भाजपा और एक कांग्रेस के पास थी। विधानसभा में विधायकों की स्थिति को देखें तो अभी प्रभावी मतदाता संख्या 222 है। कांग्रेस के छह विधायकों के इस्तीफे मंजूर हो चुके हैं। पार्टी के 16 बागी विधायक इस्तीफे पर अड़े हुए हैं। इनके इस्तीफे पर फैसला नहीं होता है और वे 26 मार्च को मतदान में हिस्सा नहीं लेते हैं तो विधानसभा में विधायकों की प्रभावी संख्या 206 रह जाएगी। विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों की संख्या नए समीकरणों में 92 बचेगी।

इसे भी पढ़ें-  Kerala Weather Updates: केरल में भारी बारिश और भूस्खलन से तबाही, अब तक 9 लोगों की मौत, रेस्क्यू आपरेशन जारी

बसपा, सपा और निर्दलीय विधायकों का समर्थन कांग्रेस भी मिलता हैं तो यह संख्या 99 हो जाएगी। वहीं, भाजपा के एक विधायक नारायण त्रिपाठी बगावत के संकेत दे रहे हैं। वे विधानसभा में 16 मार्च को कांग्रेस विधायकों के साथ देखे गए। त्रिपाठी के कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने पर भी विधायकों की संख्या सौ ही होती है। वहीं, भाजपा के विधायकों की संख्या 107 से घटकर 106 रह जाएगी। प्रभावी विधायकों की संख्या 206 होने पर एक सीट जीतने के लिए 52 वोटों की जरूरत होगी, जो भाजपा के पास है। इस हिसाब से देखा जाए तो दो सीटें भाजपा और एक कांग्रेस को मिलती नजर आ रही है।

इसे भी पढ़ें-  Katni News: शरारती तत्वों ने रोका एएसआइ का रास्ता, 7 पर FIR

विधायकों को एकजुट रखना जरूरी : सूत्रों का कहना है कि मौजूदा राजनतिक माहौल में कांग्रेस और भाजपा की पहली प्राथमिकता विधायकों को एकजुट रखने की है। यही वजह है कि विधायकों को एक साथ रखा जा रहा है। राज्यसभा चुनाव में यदि भाजपा के पांच विधायक कांग्रेसउम्मीदवार के पक्ष में क्रास वोटिंग करते हैं तभी भाजपा का खेल बिगाड़ सकता है। हालांकि, दोनों पार्टी व्हिप जारी कर चुकी है और ऐसी सूरत में क्रॉस वोटिंग करने वालों के खिलाफ पार्टियां कदम उठा सकती हैं।

अब मतदान होना तय

अप्रैल में रिक्त हो रही मप्र के की तीन राज्यसभा सीटों के लिए कांग्रेस और भाजपा की ओर से दो-दो उम्मीदवार सामने होने से यह तय हो गया है कि 26 मार्च को मतदान होगा। मतदान सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक होगा। इसके ठीक बाद मतगणना का काम शुरू होगा और फिर नतीजे घोषित किए जाएंगे।

Advertisements