MP Political Crisis : शिवराज के नेतृत्व में राज्यपाल से फिर मिले भाजपा नेता, राज्य में हो रही नियुक्तियों पर उठाया सवाल

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भोपाल। मप्र में जारी सियासी जंग के बीच भाजपा के कई नेता एक बार फिर राज्यपाल लालजी टंडन मुलाकात की। इसमें राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह व वीडी शर्मा शामिल हैं। बीते 20 घंटे में भाजपा नेताओं की राज्यपाल से यह दूसरी मुलाकात है। नेताओं ने राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।

इसमें उन्होंने कमलनाथ सरकार द्वारा की जा रही संवैधानिक नियुक्तियों पर रोक लगाने की मांग की। चौहान ने कहा कि कमलनाथ सरकार के कार्यों से खफा होकर उनके 16 विधायकों को इस्तीफा देना पड़ा। राज्य सरकार अल्पमत में है। इसके बाद भी संवैधानिक पदों पर नियुक्ति कर रही है। ये नियुक्तियां असंवैधानिक हैं। मामले की सुनवाई सु्प्रीम कोर्ट में होने जा रही है। हमने राज्यपाल से अनुरोध किया कि इन नियुक्तियों को रोका जाए।

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उन्होंने कहा कि विधायक बंधक नहीं हैं। वे खुली हवा में सांस ले रहे हैं। उनका दम कमलनाथ सरकार में घुटता है। उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दिया है। यह कोई साधारण बात नहीं है।

वहीं भाजपा की फ्लोर टेस्ट की मांग पर अब सुप्रीम कोर्ट में बुधवार सुबह 10.30 बजे सुनवाई होगी। शीर्ष अदालत ने सभी पक्षकारों राज्यपाल लालजी टंडन, मुख्यमंत्री कमलनाथ और विधानसभा स्पीकर एनपी प्रजापति को नोटिस देकर 24 घंटे में जवाब मांगा है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत 10 विधायकों ने सोमवार को याचिका दायर की थी। वहीं, कांग्रेस ने भी बेंगलुरु में ठहरे 22 विधायकों को वापस लाने के लिए शीर्ष अदालत में याचिका दायर की।

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सुनवाई के दौरान कांग्रेस की ओर से कोई वकील मौजूद नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हम दूसरे पक्ष को भी सुनेंगे। इसके बाद अदालत ने सभी पक्षकारों से 24 घंटे में जवाब मांगा है। ये नोटिस ईमेल और वॉट्सऐप के जरिए भेजे जाएंगे। इसके साथ ही ईमेल पर बागी विधायकों की अर्जी और याचिका की कॉपी भी पक्षकारों को भेजी जाएगी। भाजपा की तरफ से पैरवी करने पहुंचे वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि अदालत ने बुधवार के लिए नोटिस जारी किया है। कांग्रेस के 22 विधायक पार्टी छोड़कर चले गए हैं, उनके पास बहुमत नहीं है, इसलिए उनकी तरफ से कोई सुनवाई में भी नहीं आया।

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