MP Political Crisis : राज्यपाल के अल्टीमेटम के बाद राजभवन पहुंचे कमलनाथ, हलचल बढ़ी

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भोपाल। मध्य प्रदेश में जारी उठापटक के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ एक बार फिर राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की । इसके बाद उन्होंने कहा कि मैंने राज्यपाल से मिलकर वर्तमान राजनीतिक हालत पर चर्चा की। मैंने उन्हें आज के संबोधन के लिए धन्यवाद दिया। मैंने कहा कि हम संविधान के अनुसार चीजें करने के लिए तैयार हैं, लेकिन हम इससे बाहर नहीं जा सकते हैं।

भाजपा अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई है। आज तक तो मेरे पास नंबर हैं। अगर कोई कहता है कि कांग्रेस के पास के पास संख्या नहीं है तो वो अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है। मुझे क्यों फ्लोर टेस्ट देना है? 16 विधायकों को क्या दिक्कत थी? उन्हें आपके सामने आना चाहिए और अपने विचार रखने चाहिए।

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सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई मंगलवार को

मध्य प्रदेश में फ्लोर टेस्ट की मांग वाली भाजपा की याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई। जस्टिस डी. वाय. चंद्रचूड़ और जस्टिस हेमंत गुप्ता की बेंच करेगी सुनवाई।

राज्यपाल ने कमलनाथ को फिर लिखा पत्र

मध्य प्रदेश के राज्यपाल लाजी टंडन ने सीएम कमलनाथ को पत्र लिखकर 17 मार्च तक हर हाल में फ्लोर टेस्ट करवाने को कहा है। गवर्नर ने कहा कि अगर 17 मार्च तक विश्वास मत पर वोटिंग नहीं करवाई गई तो माना जाएगा कि कमलनाथ सरकार के पास बहुमत नहीं है।

कमलनाथ की सरकार अल्पमत में, बहुमत खो चुकी: शिवराज

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सरकार ने राज्यपाल के निर्देशों का पालन नहीं किया। यह सरकार रणछोड़दास बन गई। आज हम भाजपा के 106 विधायकों के साथ राज्यपाल महोदय से मिले और निवेदन किया कि हमारे पास बहुमत है। मैं पूछना चाहता हूं कि जो अल्पमत की सरकार है, क्या उसे निर्णय लेने का अधिकार है? कमलनाथ की सरकार अल्पमत में है, बहुमत खो चुकी है। इसलिए महामहिम राज्यपाल ने सरकार को निर्देश दिया था कि आज फ्लोर टेस्ट कराया जाए। लेकिन मुख्यमंत्री बच रहे हैं क्योंकि वह जानते हैं कि उनकी सरकार अल्पमत में है।

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