Corona : केंद्र ने कोरोना वायरस से मरने वालों के परिजनों को चार लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का किया एलान

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नई दिल्‍ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एलान किया है कि कोरोनो वायरस के संक्रमण से मरने वालों के परिजनों को चार लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।

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Coronavirus Update: सामूहिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध, 15 अप्रैल तक सरकार आपके द्वार बंद

रांची। Coronavirus Update भले ही कोरोना वायरस को दुनिया ने महामारी घोषित कर दिया हो, अमेरिका में इमरजेंसी लागू हो गई हो, लेकिन झारखंड सरकार इस वीभीषिका से बहुत चिंतित नहीं है। शनिवार को झारखंड के शिक्षा मंत्री ने ट्वीट कर कहा कि अभी झारखंड में कोरोना वायरस से कोई संक्रमित नहीं है। ऐसे में सभी स्‍कूल-कॉलेज अगले आदेश तक खुले रहेंगे। इस बीच राज्‍य के मुख्‍य सचिव ने सभी डीसी को कोरोना वायरस के खतरे से आगाह करते हुए सामू‍हिक कार्यक्रमों और जलसा पर परिस्थि‍तियों को देखते हुए प्रतिबंध लगाने की हिदायत दी है। उपायुक्‍तों को एहतियात के तौर पर जिला मुख्‍यालय में होने वाले सरकार आपके द्वार कार्यक्रम को 15 अप्रैल तक रद करने का निर्देश दिया गया है।

इधर शुक्रवार शाम को जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में कोरोना के संदिग्ध पांच मरीजों के नमूने जांच के लिए लाए गए। इनमें एक मरीज जमशेदपुर के बारीडीह का है, जिसे कोरोना संदिग्ध मानते हुए जिला सर्विलांस विभाग ने उसका नमूना जांच के लिए एमजीएम लैब भेजा। यह मरीज बीते गुरुवार सुबह ही मलेशिया से लौटा है। उसे खांसी व तेज बुखार है।

वहीं दो अन्य संदिग्ध मरीजों के भी नमूने भी जांच के लिए रांची रिम्स से एमजीएम भेजे गए हैं। शनिवार को सभी जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है रांची से जिन दो संदिग्धों का सैंपल भेजा गया है उसमें रांची रोड रामगढ़ निवासी 88 वर्षीय एक बुजुर्ग भी शामिल हैैं। बुजुर्ग सऊदी अरब से रांची लौटे हैं। इनके अलावा मेरू कैंप, हजारीबाग के एक बीएसएफ जवान का सैंपल शुक्रवार को लिया गया। यह जवान 17 फरवरी को केरल गया था, जहां से शुक्रवार को ही लौटा है। उसे डॉ सीबी शर्मा की देखरेख में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। एमजीएम अस्पताल में कोरोना वायरस की जांच के लिए दिल्ली से मेडिकल किट मंगाए गए हैं।

उधर गिरिडीह के देवरी प्रखंड के चतरो गांव निवासी एक युवक को भी शुक्रवार को कोरोना के संदेह में रिम्स भेजा गया। उसका सैैंपल रिम्स से शनिवार को जमशेदपुर भेजा जाएगा। वह एक सप्ताह पहले ही दिल्ली से बीमार होकर लौटा है। चिकित्सकों के अनुसार युवक में प्रथम द्रष्टया कोरोना के लक्षण नहीं मिले हैैं, लेकिन पांच दिनों से बुखार और सर्दी-खांसी ठीक नहीं होने पर उसे जांच के लिए रिम्स भेजा गया।

सरकार ने कहा, कोरोना को हौवा नहीं बनने दें

झारखंड के मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि वे कोरोना वायरस को हौवा नहीं बनने दें। आम जनता तक सही सूचना पहुंचे, इसे उपायुक्त सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव शुक्रवार को सभी उपायुक्तों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कोरोना से बचाव को लेकर तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। इस क्रम में उन्होंने उपायुक्तों को एहतियात के रूप में 15 अप्रैल तक ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम स्थगित रखने का निर्देश दिया।

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हर जिले में डीसी जनता तक पहुंचाएंगे सही सूचना, जलसों पर प्रतिबंध

मुख्य सचिव ने वैसे जलसे को प्रतिबंधित करने को कहा, जिसमें बाहर के लोग शिरकत कर सकते हैं। कहा, जिन कार्यक्रमों में सिर्फ स्थानीय लोगों की सहभागिता होगी, वैसे आयोजनों को अनुमति दी जा सकती है। उन्होंने उपायुक्तों को अफवाहों पर नजर रखने तथा कोरोना से बचाव और एहतियात को लेकर आमजनों को लगातार जागरूक करने का निर्देश दिया। कहा कि जब तक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो जाए कि कोई व्यक्ति कोरोना से प्रभावित है, तब तक उसकी सूचना प्रसारित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर कोरोना से बचाव से जुड़ी सूचनाएं बैनर, पोस्टर और होर्डिंग के माध्यम से देने का निर्देश दिया।

15 अप्रैल तक स्थगित रहेगा ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम

मुख्य सचिव ने वायरस से बचाव के लिए विशेषकर म्युनिसिपल एरिया में साफ-सफाई पर फोकस करने का निर्देश दिया। वहीं जागरूकता के लिए सामाजिक संगठनों के साथ बैठकें करने और पंचायत स्तर पर ग्राम सभा करने का निर्देश दिया। साथ ही प्रत्येक जिला अस्पतालों में 5 बेड का और मेडिकल कॉलेजों में 8-10 बेड का आइसोलेशन वार्ड शीघ्र बनाने का निर्देश दिया। मॉक ड्रिल भी करने को कहा। बैठक में विभिन्न विभागों के सचिव भी उपस्थित थे।

अभी तक राज्य में 17 संदिग्धों की जांच, किसी में पुष्टि नहीं

झारखंड में कोरोना के लक्षण के आधार पर 19 लोगों की जांच कराई गई है। इनमें से 17 की जांच रिपोर्ट निगेटिव निकली है। दो सैंपल की जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई है। बता दें कि अब जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में ही जांच की व्यवस्था शुरू हो गई है।

राहत के आंकड़े

शुक्रवार तक 20 सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं जिसमें 18 सैंपल कोलकाता और दो सैंपल शुक्रवार को जमशेदपुर भेजे गए हैं। कोलकाता भेजे गए 18 में से 16 की रिपोर्ट में कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं दो सैंपल की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। कोलकाता भेजे गए एक सैंपल को रिजेक्ट कर दिया गया है। शुक्रवार को जमशेदपुर भेजे गए दो सैंपल की जांच रिपोर्ट भी शनिवार तक आने की उम्मीद है।

सात देशों से आने वाले लोगों पर विशेष नजर

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स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भारत में चीन सहित सात देशों से आने वाले लोगों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसमें जापान, इटली, इंडोनेशिया, मलेशिया, कोरिया सहित अन्य शामिल हैं। यहां से आने वाले लोगों को अगले 28 दिनों तक घरों में ही रहने की सलाह दी जा रही है। वहीं, अगले 14 दिनों के अंदर उन्हें तेज बुखार, सुखी खांसी, सांस लेने में परेशानी हो तो यह गंभीर मामला हो सकता है। ऐसे लोगों को आइसोलेट कर रखना है। स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया जा सकता है। एमजीएम अस्पताल में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है।

हटिया रेलवे अस्पताल में 50 बेड का क्वारेंटाइन सेंटर व आठ बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार

कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए हटिया रेलवे अस्पताल में 50 बेड का क्वारेंटाइन सेंटर और आठ बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। क्वारेंटाइन सेंटर में संदिग्ध मरीजों को रखा जाएगा। यहां जांच होने और फिर रिपोर्ट कंफर्म होने पर ही मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। आइसोलेशन वार्ड में पुरुष और महिलाओं के लिए चार-चार बेड होंगे। कोरोना के संदिग्ध मरीजों के उपचार के लिए चिकित्सक और पारा मेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है। एक क्विक रिस्पांस टीम भी बनाई गई है। स्टेशन मास्टर के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। जिला प्रशासन की ओर से भी हेल्पलाइन नंबर दिया गया है। दो हेल्पलाइन नंबर की मदद से स्टेशन मास्टर तत्काल किसी भी तरह की समस्या या मरीज के मिलने पर सूचना या जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। वहीं स्टेशनों पर यात्रियों को जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। उन्हें पंफलेट के माध्यम से कोरोना से बचाव के बारे में जानकारी दी जा रही है।

भद्रकाली मंदिर में विदेशी पर्यटकों को कोरोना की जांच कराकर आने की सलाह

कोरोना वायरस पर सरकार की गंभीरता को देखते हुए इटखोरी, चतरा के मां भद्रकाली मंदिर प्रबंधन समिति ने भी एहतियातन कई कदम उठाए हैं। इसके तहत मंदिर परिसर में आने वाले विदेशी पर्यटकों तथा श्रद्धालुओं को कोरोना की जांच कराने के पश्चात मंदिर परिसर में आने की सलाह दी गई है। इस बाबत मंदिर परिसर में जगह-जगह सूचना पट लगाने का निर्णय लिया गया है। उपायुक्त जितेंद्र कुमार सिंह के द्वारा भी मंदिर प्रबंधन समिति को कोरोना पर एहतियात बरतने को लेकर कई आवश्यक दिशा निर्देश जारी किया गया है।

मंदिर के पुजारियों व कर्मचारियों को भी एहतियात बरतने का निर्देश

मां भद्रकाली मंदिर प्रबंधन समिति के सचिव सह इटखोरी के अंचल अधिकारी वैद्यनाथ कामती ने बताया कि शनिवार को मंदिर परिसर में कोरोना के एहतियातन सभी सूचना पट आवश्यक स्थानों पर लगा दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मंदिर प्रबंधन समिति के कर्मचारियों तथा मंदिर के पुजारियों को मंदिर परिसर में आने वाले विदेशी पर्यटक को पर विशेष निगाह रखने की सलाह दी गई है। साथ ही मास्क पहने का भी सुझाव दिया गया है। मालूम हो कि सनातन, बौद्ध एवं जैन धर्म के संगम स्थल मां भद्रकाली मंदिर परिसर में हर माह विदेशी पर्यटक आते रहते हैं। खासकर बौद्ध धर्म को मानने वाले श्रद्धालु भूटान, तिब्बत, श्रीलंका, म्यानमार, ताइवान, थाईलैंड आदि देशों से आते हैं।

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कोरोना की जांच को पहुंची टीम, नहीं मिली युवती

साहिबगंज के मयूरझूट्टी ग्राम में 28 वर्षीया युवती में कोरोना के संभावित लक्षण की सूचना पर गांव में दहशत का माहौल है। युवती की तलाश और उसकी जांच को शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम उसके घर पहुंची, मगर वह वहां नहीं मिली। रांगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर विनीत कुमार ने बताया कि युवती के संबंध में जानकारी हासिल की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम में शामिल प्रवीण कुमार सक्सेना और मो. रकीब ने बताया कि वह युवती तीन जनवरी को अमेरिका से दिल्ली पहुंची थी। उसमें उसका आवासीय पता पतना प्रखंड के रांगा थाना क्षेत्र के मयूरझूट्टी जिला साहिबगंज बताया गया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इसकी जानकारी रांची को भेजी। आइएसडीपी द्वारा उक्त युवती को तलाश कर 14 दिनों तक आवश्यक जांच पड़ताल का निर्देश प्राप्त हुआ है। परंतु, मयूरझूट्टी ग्राम के आसपास वह युवती नहीं मिली।

कोरोना से बचाव को होगी कार्यशाला

साहिबगंज में कोरोनो से बचाव के लिए रविवार को यहां कार्यशाला होगी। उपायुक्त वरुण रंजन ने बताया कि 15.03.2020 को ज़िले कोरोना वाईरस बीमारी 2019 से बचाव, रोकथाम, उपचार संबंधित कार्यशाला का आयोजन समाहरणालय स्थित सभागार में दोपहर 12 बजे से आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कोरोना वाईरस बीमारी 2019 के संबंध में जिला प्रशासन की ओर से अडवाइजरी जारी की गई है। इसकी रोकथाम हेतु विभिन्न स्तर पर सुरक्षात्मक कदम भी उठाए जाएंगे।

ज्ञात हो कि कोरोनावायरस रोग (COVID-19) एक नए वायरस के कारण होने वाला एक संक्रामक रोग है जो पहले मनुष्यों में पहचाना नहीं गया था। वायरस खांसी, बुखार और अधिक गंभीर मामलों में, निमोनिया जैसे लक्षणों के साथ सांस की बीमारी (फ्लू की तरह) का कारण बनता है। उपायुक्त ने बताया कि सोमवार को इस विषय पर सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की विशेष बैठक और प्रशिक्षण भी आयोजित की जाएगी। उपायुक्त वरुण रंजन ने जिले वासियों से कहा हम सब साथ मिलकर कोरोना वायरस से लड़ सकते हैं।

 

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