Katni : तालाब में अवैध तरीके से हो रहा था मछली पालन

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कटनी। जिले में मत्स्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। ढीमरखेड़ा तहसील के अंतर्गत ग्राम पौनिया स्थित अमेठा जलाशय में ठेका नहीं होने के बाद भी पिछले कई महीने से अवैध तरीके से न केवल मत्स्य पालन होता रहा बल्कि मत्स्याखेट भी होता रहा। ग्रामीणों द्वारा इसकी सूचना मत्स्य विभाग को कईयों बार की गई लेकिन इसके बाद भी मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने कोई कार्यवाही नहीं की।

इसके बाद ग्रामीणों ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की, तब कहीं जाकर मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्यवाही करते हुए पंचनामा बनाया लेकिन पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।

इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार ढीमरखेड़ा तहसील के अंतर्गत ग्राम पौनिया स्थित अमेठा जलाशय में पट्टा का आवंटन नहीं होने के बावजूद हरिजन मछुआ सहकारी समिति ग्राम पोनिया विकासखंड ढीमरखेड़ा द्वारा जलाशय में मत्स्य पालन व मत्स्य आखेट किया जा रहा था। इसकी जानकारी मत्स्य विभाग को भी थी। ग्रामवासियों ने विभाग प्रमुख को विगत 18 नवंबर को लिखित रूप से शिकायत की, इसके बाद भी मत्स्य विभाग के अधिकारियों ने लगातार उदासीन रवैया अपनाए रखा।

लिखित शिकायत देने के एक महीने बाद भी मत्स्य विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं करने पर विगत 9 दिसंबर को सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज की गई, जिस पर मत्स्य विभाग द्वारा आनन फानन में विगत 13 दिसंबर को क्षेत्रीय मत्स्य अधिकारी को जांच हेतु आदेशित किया गया। क्षेत्रीय मत्स्य अधिकारी ने मौके पर विगत 1 जुलाई से हो रहे मत्स्य पालन व मत्स्य आखेट पर छापेमारी की, जहां अमेठा जलाशय पौनिया की मेड़ पर अवैध रूप से आवास बनाकर रह रहे अध्यक्ष हरिजन मछुआ सहकारी समिति ग्राम पोनिया विकासखंड ढीमरखेड़ा द्वारा अधिकृत रूप से नियुक्त चौकीदार जम्मन चौधरी के पास से समिति अध्यक्ष द्वारा प्रदत्त प्रचुर मात्रा में जाल ट्यूब और नाव क्षेत्रीय मत्स्य अधिकारी द्वारा जप्त की गई।

इस संबंध में अध्यक्ष हरिजन मछुआ सहकारी समिति से पूछताछ कर पंचनामा बनाया गया और जप्त सामग्री स्थानीय निवासी रामदास व अन्य को सुपुर्द की गई। क्षेत्रीय मत्स्य अधिकारी द्वारा उक्त छापेमारी का जांच प्रतिवेदन व पंचनामा सहित सहायक संचालक मत्स्य उद्योग को प्रस्तुत कर दिया गया, किंतु सहायक संचालक मत्स्य उद्योग द्वारा छापे में जप्त सामग्री के पंचनामा आधार पर पुलिस प्राथमिकी दर्ज करवाने में उदासीनता बरती जा रही है।

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