25 हजार घरों में शौचालय ही नहीं, फिर मध्य प्रदेश का जबलपुर ओडीएफ

Advertisements

जबलपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत योजना के प्रति जिला पंचायत के अधिकारी गंभीर नहीं हैं। सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाए जा रहे हैं। अभी हाल ही में जिला पंचायत जबलपुर को ओडीएफ मतलब खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया है, लेकिन जानकर हैरानी होगी कि अभी भी 25 हजार घरों में शौचालय नहीं बनवाए गए हैं। सवाल उठता है कि जब इतने घरों में शौचालय ही नहीं बने तो फिर जबलपुर कैसे ओडीएफ घोषित हो गया। इस संबंध में जब जिला पंचायत स्वच्छ भारत मिशन के परियोजना अधिकारी से दूरभाष में चर्चा करना चाही परंतु उनसे संपर्क नहीं हो सका।

सिहोरा-जबलपुर जनपद की बुरी स्थिति : स्वच्छता को लेकर जिला पंचायत का अमला कितनी गंभीरता से काम कर रहा है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सिहोरा 7 हजार 717, जबलपुर जनपद 6 हजार 822 और पाटन की जनपद में 3 हजार 972 घरों में शौचलय नहीं बने हैं। हालांकि इसके पीछे अधिकारियों का अलग तर्क है, उनका कहना है कि ग्रामीण स्वच्छता को लेकर सहयोग नहीं करते हैं और इसी वजह से स्वच्छता में जबलपुर लगातार पिछड़ता जा रहा है।

Advertisements