PAK : मुशर्रफ को डी चौक पर दी जाए फांसी, तीन दिनों तक शव लटकाए – Court

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इस्‍लामाबाद, एजेंसी। पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ को देशद्रोह मामले में मौत की सजा सुनाने वाले जजों ने 167 पेज के अपने फैसले में लिखा है कि अगर सजा दिए जाने से पहले ही मुशर्रफ की मौत हो जाती है तो उनके शव को यहां लाया जाए और इस्लामाबाद के डी-चौक पर तीन दिन तक फंदे से लटकाकर रखा जाए। मुशर्रफ को यह सजा 2007 में पाकिस्तान पर आपातकाल थोपने, संविधान को निलंबित रखने और जजों को हिरासत में रखने के मामले मेंे सुनाई गई है। वह 2016 से दुबई में रह रहे हैं।

पाकिस्तान टुडे अखबार ने इस फैसले को विस्तार से प्रकाशित किया है। उसमें लिखा है, ‘हम कानून प्रवर्तन एजेंसियों को आदेश देते हैं कि वे भगोड़े दोषी को पकड़ने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करें और यह सुनिश्चित करें कि कानून के तहत सजा पर अमल किया जाए। अगर वह मृत पाए जाते हैं तो उनका शव लाकर इस्लामाबाद के डी-चौक पर तीन दिन लटकाया जाए।’ जजों ने यह भी लिखा है कि तत्कालीन कोर कमांडर कमेटी के साथ ही सुरक्षा में तैनात रहने वाले दूसरे सभी वर्दीधारी अधिकारी भी दोषी के कृत्य में समान रूप से लिप्त थे। विशेष अदालत ने बीते मंगलवार को दो-एक के बहुमत से मुशर्रफ को देशद्रोह का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी। वह मृत्युदंड पाने वाले पाकिस्तान के पहले पूर्व जनरल हैं। पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित विशेष अदालत ने सजा सुनाते समय कहा था कि वह अपना विस्तृत फैसला आगामी 48 घंटों में जारी करेगी।

कोर्ट के फैसले के मुशर्ऱफ ने व्यक्तिगत प्रतिशोध बताया

पाकिस्तान के पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ ने देशद्रोह मामले में मौत की सजा सुनाए जाने के फैसले को व्यक्तिगत प्रतिशोध करार दिया है। मुशर्रफ ने फिलहाल दुबई में शरण ले रखी है। उनकी पार्टी ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग की ओर से बुधवार को जारी एक वीडियो संदेश में पूर्व सैन्य शासक ने कहा कि इस तरह के फैसले का ऐसा कोई दूसरा उदाहरण नहीं है, जिसमें ना तो आरोपित और ना ही उसके वकील को अपने बचाव में कुछ कहने की इजाजत दी गई। मैं यही कहूंगा कि संविधान के तहत इस केस की सुनवाई की जरूरत ही नहीं थी, लेकिन इस मामले की सुनवाई व्यक्तिगत प्रतिशोध के तहत की गई।’ किसी का नाम लिए बगैर 76 वर्षीय पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि जिन लोगों ने मेरे खिलाफ काम किया, वे उच्च पदों पर आसीन हैं और अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं।’

मुशर्रफ की मौत की सजा को चुनौती देगी पाक सरकार

देशद्रोह के लिए मौत की सजा पाए पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के समर्थन में सेना के आने के बाद पाकिस्तान सरकार ने आदेश को चुनौती देने का फैसला किया है। सैन्य तानाशाह मुशर्रफ को छह साल चले मुकदमे में उनकी गैरमौजूदगी में मौत की सजा सुनाई गई थी। मुशर्रफ इलाज के लिए अनुमति लेकर 2016 में विदेश गए थे और उसके बाद वापस नहीं लौटे। इस समय वह दुबई में रह रहे हैं। विशेष अदालत में तीन न्यायाधीशों की पीठ ने 76 साल के मुशर्रफ के लिए सजा का एलान किया। उन्हें 2007 में संविधान का उल्लंघन कर देश में आपातकाल लागू करने के मामले में दोषी पाया गया। इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने बयान जारी कर कहा कि उसके पूर्व प्रमुख परवेज मुशर्रफ ने कभी भी देश के साथ धोखा नहीं किया। उनके खिलाफ अदालत के ताजा फैसले से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के जवानों को बहुत दुख हुआ है।

विदेश दौरे से वापस लौटे इमरान

एएनआइ के अनुसार इमरान अपने विदेश दौरे में कटौती कर पाकिस्तान लौट आए। उनका यूरोपीय देशों में जाने का कार्यक्रम रद हो गया। इस्लामाबाद में वह अपनी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी की कोर कमेटी के साथ आपात बैठक भी किया।

बाजवा मिले मुशर्रफ की बटालियन से

पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने बुधवार को सेना के स्पेशल सर्विसेज ग्रुप के मुख्यालय का दौरा किया। परवेज मुशर्रफ सेना की इस खास बटालियन के कमांडर रहे हैं। बाजवा का दौरा मुशर्रफ के खिलाफ आए अदालत के फैसले की मुखालफत में एकजुटता प्रदर्शित करना माना जा रहा है।

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