अमेरिकी अर्थव्यवस्था में एच-1बी वीजा धारकों का बड़ा योगदान : भारत

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भारत ने अमेरिका के समक्ष एच-1बी वीजा का मुद्दा उठाते हुए भारतीयों को वीजा जारी करने की वकालत की। भारत ने कहा कि एच-1बी वीजा धारक भारतीय और भारतीय मूल के लोगों ने अमेरिकी समाज, अर्थव्यवस्था और राजनीति में अहम योगदान दिया है। एच-1बी वीजा धारक भारतीय अमेरिका के साथ भारत के द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत बनाने का काम कर रहे हैं।

भारत ने अमेरिका के साथ बेहतर संबंधों और अमेरिकी अर्थव्यवस्था में एच-1बी वीजा धारकों के योगदान की सराहना की है। टू प्लस टू वार्ता में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने में लोगों के आवागमन का महत्वपूर्ण योगदान रेखांकित किया।

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अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन जयशंकर ने कहा, ‘दोनों देशों के बीच उचित और भेदभाव रहित तरीके से लोगों की आवाजाही होने से संबंधों को मजबूती देने में मदद मिली है। लोगों के बीच आपसी रिश्तों का दोनों देशों की दोस्ती में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। हमें अमेरिका में भारतीयों और भारतीय अमेरिकियों की उपलब्धियों, उनके अमेरिकी समाज, अर्थव्यवस्था और राजनीति में किए गए योगदान को लेकर गर्व होता है।

उन्होंने कहा कि लोगों का उचित और बिना किसी पक्षपातपूर्ण तरीके से आवागमन करने सहित व्यापार और सेवाओं का रिश्तों को और मजबूत बनाने में अहम योगदान रहा है। संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर भी उपस्थित थे।
राष्ट्रपति ट्रंप से मिले राजनाथ, जयशंकर
टू प्लस टू वार्ता से इतर रक्षा मंत्री राजनाथ और विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। इस दौरान भारतीय नेताओं ने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर ट्रंप से चर्चा की।

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