किसानों के मुद्दे व बोनस को लेकर सदन में हंगामा, कार्यवाही स्थगित, भाजपा का बहिर्गमन

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में आज किसानों से जुड़े मुद्दे जैसे बोनस आदि को लेकर सत्तारूढ़ दल कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों के बीच तीखी नोंकझोंक हुयी और सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करना पड़ी। वहीं भाजपा के सदस्यों ने बहिर्गमन भी किया।
प्रश्नकाल में विधायक देवेंद्र वर्मा ने राज्य में अतिवृष्टि और इसके कारण फसलों को क्षति पहुंचने का मामला उठाया था। इस पर अनुपूरक सवाल और जवाब के दौरान मामला गेंहू के बोनस पर आ गया और इसी बात को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने सामने आ गए। इसके चलते अध्यक्ष एन पी प्रजापति ने कार्यवाही पहली बार पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी।
सदन समवेत होने पर भाजपा सदस्यों ने फिर से गेंहू पर बोनस का मामला उठाया। इस बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि सरकार ने बोनस पहले भी दिया था, जिस पर केंद्र सरकार ने फसल का कोटा सात लाख टन कम कर दिया। यदि इस बार भी बोनस दिया जाए, तो पता नहीं केंद्र सरकार कितना कोटा कम कर दे। उन्होंने कहा कि राज्य के 29 में से 28 सांसद भाजपा के हैं और वे भी केंद्र सरकार से मदद दिलाने में कोई पहल नहीं कर रहे हैं।
श्री कमलनाथ ने कहा कि सरकार चलाने और मुंह चलाने में फर्क रहता है। मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी पर विपक्षी सदस्य आक्रोशित हो गए। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव और वरिष्ठ विधायक डॉ नरोत्तम मिश्रा ने भी इसका प्रतिकार किया और कहा कि हमने पंद्रह सालों तक सरकार चलायी। लेकिन अब सरकार नहीं मुंह चल रहा है। इसके बाद मंत्री और कांग्रेस पक्ष के विधायक भी खड़े हो गए और एकसाथ बोलने लगे। देखते ही देखते सदन शोरगुल में डूब गया।
अध्यक्ष ने सदस्यों ने शांत रहने का अनुरोध किया, लेकिन सदस्यों का एकसाथ बोलने का क्रम जारी रहा। वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने किसी को टारगेट नहीं किया है। लेकिन यदि किसी को ऐसा लग रहा है, तो वे क्या कर सकते हैं। सदस्यों की अनेक टिप्पणियों के बीच अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोबारा पांच मिनट के लिए स्थगित की। सदन फिर समवेत हुआ और सदस्यों का इसी बात को लेकर बोलना जारी था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम वो पत्र भी मुहैया कराएंगे, जिसमें केंद्र सरकार ने हमारा कोटा कम करने की बात कही है। हालाकि उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बोनस देगी। वहीं भाजपा के सदस्य इस मामले को लेकर बहिर्गमन कर गए। वहीं अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाते हुए कार्यसूची में शामिल विषयों को लिया।

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