भाजपा में जिलाध्यक्ष के दिग्गज दावेदारों को झटका

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भोपाल। भाजपा के कई प्रमुख नेता जो जिलों में चुनाव अधिकारी बना कर भेजे गए थे वे अब जिलाध्यक्ष पद पर दावेदारी नहीं कर पाएंगे। केंद्रीय नेतृत्व ने पुरानी परंपराओं का हवाला देकर नेताओं को जिलाध्यक्ष बनाने से परहेज करने की सलाह प्रदेश संगठन को दी है। उधर प्रदेश अध्यक्ष के चयन के लिए भाजपा हाईकमान ने मुख्तार अबास नकवी और अश्विनी चौबे को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। हालांकि अभी अध्यक्ष के चुनाव की तिथि घोषित नहीं हुई है, लेकिन संभावना है कि 15 दिसबर तक नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव हो सकता है। गौरतलब है कि भाजपा ने 30 नवंबर को प्रदेश के 56 संगठनात्क जिलों में पार्टी के सांसदों, पूर्व मंत्रियों और विधायकों समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं को जिला चुनाव अधिकारी बनाया था। 30 नवंबर को एक साथ 51 जिलों में रायशुमारी की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।
उम्र की गाइडलाइन
केन्द्रीय नेतृत्व ने प्रदेश संगठन की मांग पर उम्र की सीमा भले ही पांच साल बढ़ा दी हो पर उसने प्रदेश नेतृत्व से कहा है कि अस्सी फीसदी जिलों में पचास साल से कम उम्र के नेताओं को ही मौका दिया जाए। जिलाध्यक्ष बनने के पीछे नेताओं की मंशा विधानसाा चुनाव की दावेदारी है। भाजपा में जिलाध्यक्ष को स्वभाविक रूप से जिले की किसी न किसी विधानसभा क्षेत्र का दावेदार माना जाता है।
सभी जिलों से आए पैनल
भाजपा के जिला निर्वाचन अधिकारियों ने जिलों में जाकर रायशुमारी के बाद तीन से पांच नामों के पैनल प्रदेश कार्यालय को भेज दिए हैं। प्रदेश चुनाव अधिकारी हेमन्त खंडेलवाल ने बताया कि अगले तीन चार दिनों में संगठन नेताओं के साथ बैठकर जिलाध्यक्षों के नाम फाइनल कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया में तीन से चार दिन का समय लग सकता है। जिलाध्यक्षों के नामों के ऐलान के बाद 15 दिसबर से प्रदेश अध्यक्ष के लिए निर्वाचन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। पार्टी संविधान के अनुसार 50 फीसदी से अधिक जिलाध्यक्ष और प्रदेश प्रतिनिधियों के चयन के बाद प्रदेश अध्यक्ष का निर्वाचन हो सकता है।
ये नेता जता रहे दावेदारी
निमाड़ी से विधायक अनिल जैन भिंड के चुनाव अधिकारी थे। वे अपने जिले से स्वाभाविक दावेदार हैं। इसी तरह शहडोल के चुनाव अधिकारी उमेश शुक्ला छतरपुर से दावेदार हैं, वे पूर्व में भी जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। जिलाध्यक्ष की कतार में जीतू जिराती इंदौर, भोपाल के पूर्व सांसद आलोक संजर, भगवान दास सबनानी, पंकज जोशी, संजीव कांकर समेत एक दर्जन अन्य नेता है। इन नेताओं को पार्टी ने किसी न किसी जिले का चुनाव अधिकारी बनाया था।

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