BHOPAL : अध्यक्ष के लिए जांचना पड़ रहा संगठन को नेताओं का चरित्र

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भोपाल। हनीटै्रप में कई नेताओं के फंसे होने की आशंका के बाद से भाजपा संगठन को मप्र भाजपा का नया मु िाया तय करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इस कांड की वजह से पार्टी नेतृत्व सतर्क और सावधान है। इसकी वजह से प्रदेश अध्यक्ष पद के दावेदारों को कई टेस्ट से गुजरना पड़ सकता है।
हनीटै्रप में भेले कोई नेता एवं नौकरशाह गिर तार नहीं हुआ और किसी के खिलाफ प्रकरण दर्ज नहीं हुआ हो, लेकिन इसमें शामिल कई नेताओं के नाम चर्चा में है। बताते हैं कि भाजपा नेतृत्व को भी ऐसे नेताओं के बारे में जानकारी है जो हनीट्रैप में शामिल रहे हैं और प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी भी कर रहे हैं। पार्टी नहीं चाहेगी कि ऐसा कोई नेता प्रदेश भाजपा का मुखिया बने। इसलिए चुनाव से पहले नेताओं के चरत्रि के बारे में पूरी जांच पड़ताल होगी। आशिक मिजाज नेताओं को प्रदेश अध्यक्ष पद का दौड़ से बाहर किया जा सकता है।
आमतौर पर भाजपा का प्रदेश और राष्ट्रीय अध्यक्ष आरएसएस की सहमति के बिना नहीं बनता। हनीट्रैप कांड के कारण भाजपा की सबसे ज्यादा छीछालेदर हुई है। इसलिए संघ की नजर प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव पर है। संघ अपनी तरफ से जांच पड़ताल करा रहा है कि कौन नेता किस मिजाज का है? चरित्र को लेकर खास छानबीन कराई जा रही है। संघ की छन्नी से निकलने के बाद ही प्रदेश अध्यक्ष का नाम तय होगा। खबर है कि इसके लिए संघ ने अपने संगठन मंत्रियों को काम पर लगा दिया है।
कमलनाथ पीएम मोदी को दे चुके हैं फीडबैक!
हनीटै्रप कांड उजागर होने के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हो चुकी है। सूत्रों का कहना है कि इस दौरान कमलनाथ ने मोदी को हनीटै्रप में शामिल नेताओं की पूरी जानकारी दी है। इसके बाद ही मामला ठंडे बस्ते में गया है। सूत्रों के अनुसार पार्टी की राष्ट्रीय नेतृत्व अपनी तरफ से दावेदार नेताओं के बारे में जानकारी एकत्र करा रहा है कि किसका चरित्र कैसा है और जनता के बीच उसकी कैसी छवि है। रविवार को जिलाध्यक्षों के निर्वाचन का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव की कसरत शुरू होगी।
प्रदेश अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदार
प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान, मौजूदा अध्यक्ष राकेश ङ्क्षसह, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, विधायक नरोत्तम मिश्रा, भूपेन्द्र सिंह व रामपाल सिंह, रा’यसभा सदस्य प्रभत झा, सांसद वीरेंद्र खटीक एवं विष्णुदत्त शर्मा प्रमुख दावेदार है। शिवराज, भूपेन्द्र सिंह का नाम आगे कर रहे हैं। यदि इस पद के लिए 60 वर्ष की आयु सीमा पर अमल हुआ तो इनमें से कई का पत्ता कट सकता है और हनीट्रैप में बाहर हो सकते हैं।

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